केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के स्वास्थ्य खंड गौंधला की 15 टीबी मुक्त पंचायतों के प्रधानों को उपायुक्त राहुल कुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और टीबी मुक्त ग्राम पंचायत का प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा यह जिले के लिए गर्व की बात है कि 45 में से 20 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। इनमें स्वास्थ्य खंड गौंधला की 15 और स्वास्थ्य खंड काजा की पांच पंचायतें शामिल हैं। यह राज्य में सबसे अधिक लगभग 45 प्रतिशत हैं। यह उपलब्धि ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व स्वास्थ्य विभाग के अथक प्रयासों से संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि अभी जिले को इस दिशा में और कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे बाकी पंचायतों को भी टीबी मुक्त किया जा सके और लाहौल-स्पीति को टीबी मुक्त जिला बनाया जा सके।
उपायुक्त ने ग्राम पंचायत रानिका, सिस्सू, तांदी, तिंदी, गोरहमा, गौशाल, जोबरंग, खंगसर, मडग्रां, मूरिंग, नालदा, सलग्रां, शांशा, तिंगरेट व यूरनाथ के प्रधानों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और टीबी मुक्त ग्राम पंचायत का प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
टीबी मुक्त हुईं सभी पंचायतों के प्रधानों ने जिले में एक्टिव टीबी मरीजों की मदद करने के लिए स्वेच्छा से निक्षय मित्र बनने की सहमति दी। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर अन्य पंचायतों को भी टीबी मुक्त करने के लिए कार्य करने का प्रण लिया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोशन लाल ने बताया कि नौ दिसंबर 2024 से पूरे जिले में 100 दिन का एक विशेष अभियान प्रारंभ किया जाएगा। इसमें गांव-गांव जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी और संभावित टीबी के मरीजों का पता लगाया जाएगा। इस दौरान खंड विकास अधिकारी केलांग डाॅ. विवेक गुलेरिया, जिला टीबी अधिकारी डाॅ. जगदीश चंद मौजूद रहे।