अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। दो दिन मौसम खुशगवार होने से उदयपुर स्थित 94 आरसीसी ने संसारी नाला की चढ़ाई शुरू कर दी है। इसकी बहाली से लोग वाया किश्तवाड़ होते हुए कुल्लू-मनाली पहुंच सकेंगे। 70 आरसीसी ने भी मनाली-लेह मार्ग सहित घाटी की सड़कों से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है।
बीआरओ 94 आरसीसी ने शनिवार को उदयपुर से तिंदी, किलाड़ से संसारी नाला तक सड़क बहाली का काम शुरू कर दिया है। बीआरओ का दावा है कि लाहौल घाटी को किश्तवाड़-जम्मू के रास्ते शीघ्र बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि रोहतांग दर्रे की बहाली को अभी समय लगेगा। ऐसे में घाटी के लोग उदयपुर, तिंदी तथा किश्तवाड़ होते हुए जम्मू के रास्ते घाटी से बाहर निकल सकते हैं। जम्मू से जुड़ते ही लोग वाया जम्मू घरों से बाहर आवाजाही कर सकेंगे। साथ ही हरी सब्जियों सहित जरूरत का सामान भी इसी रास्ते आएगा। रोहतांग दर्रे सहित बारालाचा पास से बर्फ की मोटी दीवार से बर्फ हटाना बीआरओ को चुनौती होगी। मनाली से सरचू तक अनेकों स्थानों में हिमखंड गिरे हैं, जिससे मार्ग बहाली में अधिक समय लगेगा। हालांकि बीआरओ का दावा है कि दिन-रात एक कर मनाली-लेह मार्ग को समय पर बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे। बीआरओ ने मनाली से रोहतांग, तांदी से उदयपुर, उदयपुर से तांदी, तांदी से सिस्सू और सिस्सू से कोकसर तक एक साथ सड़क बहाली की रणनीति बनाई है। बीआरओ ने कुछ स्थानों को छोड़कर सब जगह एक साथ मार्ग बहाली को गति दे दी है।
इस तरह हटाई जाएगी बर्फ
बीआरओ ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग की बहाली भी शुरू कर दी है। 475 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर मनाली की ओर से बीआरओ 70 आरसीसी मनाली से रोहतांग दर्रा तक 51 किलोमीटर सफर तय करेगी और रोहतांग से कोकसर नाला तक 20 किलोमीटर तक 94 आरसीसी की टीम अपनी मशीन लगाएगी। 70 आरसीसी 202 किमी दूर सरचू तक बर्फ को हटाएगी।
बर्फ हटाने का कार्य शुरू : उमाशंकर
सीमा सड़क संगठन-38 के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल उमाशंकर ने बताया कि 94 आरसीसी ने उदयपुर से तिंदी, किलाड़ से संसारी नाला तक सड़क से बर्फ हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। उदयपुर से तांदी-सिस्सू तक मार्ग जल्द बहाल किया जाएगा। मनाली से टीम गुलाबा की ओर बढ़ चुकी है। इसके बाद विधिवत पूजा के बाद रोहतांग खोलने की मुहिम तेज की जाएगी।