कुल्लू। राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। भौतिक विभाग एवं विज्ञान भारती हिमाचल प्रदेश के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस सम्मेलन में देश भर के विभिन्न बहु प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिक एवं बुद्धिजीवी विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी पर अपने शोध पत्र पढ़ेंगे। कार्यक्रम में विज्ञान भारती हिमाचल प्रदेश के संस्थापक डॉ. केसी शर्मा बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
विज्ञान भारती हिमाचल प्रदेश के संस्थापक डॉ. केसी शर्मा, डॉ. केसी शर्मा ने कहा कि आपदा के समय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अहम भूमिका अदा कर सकते हैं। हमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को अपनाकर अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। प्राचार्य डॉ. नंदलाल शर्मा ने बताया कि आपदा प्रबंधन के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी किस प्रकार सहायक सिद्ध हो सकती है। जीबी पंत पर्यावरण एवं विकास संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. एसएस सामंत मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। सामंत ने वैज्ञानिकों व शोधार्थियों के समक्ष जलवायु परिवर्तन का जैव विविधता एवं आपदा पर प्रभाव के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. नंदलाल शर्मा ने कहा कि जिला आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। आपदा से निपटने के लिए सम्मेलन में जो नए बिंदु आएंगे, उन्हें सरकार के ध्यान में लाया जाएगा। इस दौरान महाविद्यालय सैंज के प्रो. नारायण सिंह, डॉ. सूरत ठाकुर, सचिव डॉ. अनूप कुमार, डॉ. जगन राजपूत, प्रो. सोमकृष्ण, प्रो. चेतन राणा, प्रो. अजय कुमार, प्रो. माही योगेश, डॉ. हीरामणी, डॉ. पंकज आदि मौजूद रहे।