कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में बाह्य सराज के लोगों को आवाजाही के लिए चलाई जाने वाली निगम की स्पेशल बस को इस बार नहीं चलाया गया है। इससे लोगों में दशहरा उत्सव समिति और एचआरटीसी के प्रति भारी रोष है।
दरअसल जिला मुख्यालय होने के चलते दशहरा उत्सव में हजारों लोग भाग लेते हैं। लेकिन एचआरटीसी की लापरवाही के चलते लोगों को टैक्सियों में भारी भरकम किराया देकर दशहरा देखने को पहुंचना पड़ रहा है। बुधवार को करीब दो सौ लोग दशहरा देखने कुल्लू पहुंचे और लोगों को टैक्सियों में आना पड़ा है। सर्दी के मौसम के चलते घाटी के लोग दशहरा में खरीदारी के लिए आते हैं। वहीं देवी देवता के इस समागम में आनी-निरमंड के एक दर्जन देवी-देवता भी भाग ले रहे हैं। इस कारण देवता के कारकूनों, हारियानों व देवलुओं को भी बस के न चलने से परेशान होना पड़ रहा है। खेम सिंह, किशन सिंह, कमल ठाकुर, गोविंद सिंह, निका राम, संगत राम, केशव राम, डोला राम, दिले राम, अमर सिंह, प्रेम सिंह, चमन लाल, सुनील कुमार, देव राज तथा पूर्ण सिंह ने कहा कि पिछले करीब चार-पांच सालों से कुल्लू-आनी के लिए स्पेशल बस को चलाया जाता है। लेकिन दशहरा उत्सव खत्म होने को है और निगम ने बस सेवा को शुरू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के मौके पर निगम स्पेशल बसों का संचालन करता है। जिसमें कुल्लू-आनी वाया जलोड़ी दर्रा रूट पर एक स्पेशल बस शामिल है। परंतु इस बार न चलने से लोगों में दशहरा समिति तथा एचआरटीसी के प्रति भारी गुस्सा है। बस दशहरा के आखिरी चार दिनों से लेकर एक हफ्ते तक चलती थी और इसका समय ढालपुर से शाम चार बजे का था, जो करीब दस बजे आनी पहुंची थी। अगले दिन यह बस सुबह करीब सात बजे के आसपास कुल्लू के लिए रवाना होती थी। जिससे बाह्य सराज के साथ बंजार क्षेत्र के लोगों को भी दशहरा आने में लाभ मिलता था।
कोट्स
वहीं इस बारे में एचआरटीसी कुल्लू के आरएम डीके नारंग ने कहा कि इस साल कुल्लू-आनी के लिए बस चलाने के लिए मांग नहीं थी।