देवरथों संग पहाड़ी गीतों पर झूमे सैकड़ों हारियान और देवलु
गाजे-बाजे के साथ निकली भगवान नरसिंह की जलेब
जलेब में शामिल हुए खुडीजल, ब्यास ऋषि, टकरासी नाग और पझारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के पांचवें दिन मंगलवार को भगवान नरसिंह की चौथी जलेब गाजे-बाजे के साथ निकली। ढालपुर स्थित राजा की चाननी से शुरू हुई भव्य जलेब यात्रा उपायुक्त कार्यालय, जिला अस्पताल और कलाकेंद्र होकर शाही अंदाज में निकली।
भव्य और आकर्षक जलेब में जिला के बाह्य सराज आनी के देवताओं ने शोभा बढ़ाई और ढोल-नगाड़ों, करनाल, नरसिंगों और शहनाई की स्वरलहरियों के बीच देव रथों के साथ देवता के सैकड़ों कारकून, हारियान और देवल झूमे उठे। जलेब यात्रा में सबसे आगे भगवान नरसिंह का घोड़ा और पीछे देवता तथा साथ में भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह पालकी में सवार थे। करीब एक किलोमीटर की परिधि में निकली शाही जलेब यात्रा में देवता खुडीजल, ब्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग तथा चोतरू नाग के साथ उनके सैकड़ों देवलुओं ने भाग लिया। इस अद्भुत नजारे को कई देशी-विदेशी सैलानियों ने अपने कैमरे में कैद किया। सोने के देव रथों के आगे हजारों लोगों के शीश नतमस्तक होकर झुके और सुख शांति के लिए प्रभु से प्रार्थना की। दशहरा उत्सव की अंतिम जलेब दशहरा उत्सव के छठे दिन मोहल्ला के बाद निकलेगी। देवता खुडीजल के कारदार शेर सिंह ठाकुर, कारदार भागे राम राणा, कारदार इंद्र सिंह, कारदार बृज लाल तथा पुजारी शेर सिंह ने कहा कि बाह्य सराज के देवता हर साल दशहरा की चौथी जलेब में शिकरत करते है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा सदियों से चल रही है।