कुल्लू घाटी में पर्यटकों को
लापता होने से रोकेगा प्रशासन
पर्यटकों को घाटी पहुंचने पर दिया जाएगा गो कुल्लू वेबसाइट का ब्यौरा
होटल, ट्रेवल डेस्कट समेत अन्य जगह दी जाएगी जानकारी
गो कुल्लू में पंजीकरण के बाद जीपीएस से लोकेशन की रहेगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। कुल्लू घाटी में पर्यटकों को लापता होने से रोकने के लिए प्रशासन चौकस हो गया है। जिला में पर्यटकों के लापता होने के बढ़ते मामलों को देख पहले ही प्रशासन ने गो कुल्लू वेबसाइट बनाई है। जिसमें पंजीकरण कर जीपीएस से लोकेशन ट्रेस की जा सकती है लेकिन लापरवाह पर्यटक बिना पंजीकरण ही ट्रेकिंग पर निकल रहे हैं और गुम हो रहे हैं।
गो कुल्लू वेबसाइट की जानकारी को पर्यटकों तक पहुंचाने और पंजीकरण के लिए प्रेरित करने के लिए प्रशासन रणनीति बना रहा है। इसके लिए नेशनल हाइवे किनारे पर होर्डिंग लगाकर गो कुल्लू वेबसाइट पर पंजीकरण करने के लिए कहा जाएगा। इसी के साथ टूअर एंड ट्रेवलर्स डेस्क, पर्यटन सूचना केंद्र, होटल के ट्रेवल डेस्क समेत अन्य जगहों में कहीं ट्रेकिंग पर जाने से पहले इस वेबसाइट में पंजीकरण को लेकर जानकारी दी जाएगी। जिससे किसी भी जगह में लापता होने की सूरत पर तुरंत ढूंढा जा सके। वेबसाइट में भी प्रशासन की ओर से कुछ सुधार किए जाएंगे और इसे और सुदृढ़ किया जाएगा जिससे चंद मिनटों में ही लापता की लोकेशन ट्रेस की जा सके। वेबसाइट में कुल्लू जिला को लेकर अन्य आवश्यक जानकारियां भी साझा की गई हैं। जिस कारण कुल्लू आ रहे पर्यटकों को इस वेबसाइट को चेक करना उपयोगी साबित हो सकता है। वेबसाइट में स्थानीय संस्कृति, खान पान, साहसिक गतिविधियों समेत अन्य जानकारी दी गई है। वेबसाइट को अब करीब 59 हजार लोग चेक कर चुके हैं। इधर, डीसी यूनुस ने बताया कि गो कुल्लू वेबसाइट की जानकारी पर्यटकों तक अधिक से अधिक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे जिससे कोई भी पर्यटक कुल्लू घाटी की वादियों में लापता न हो।
वेबसाइट के लिए मिल चुके हैं अवार्ड
डीसी यूनुस को गो कुल्लू वेबसाइट के लिए कई अवार्ड मिल चुके हैं। देशभर में इस वेबसाइट की चर्चा की गई है लेकिन पर्यटक पंजीकरण में लापरवाही बरत रहे हैं। आसानी से लॉग इन कर पर्यटक इस वेबसाइट में थोड़ी सी जानकारी साझा कर ट्रेकिंग पर निकल सकते हैं। पंजीकृत नंबर की लोकेशन प्रशासन के पास रहेगी और किसी भी प्रकार अनहोनी पर त्वरित कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।