अमर उजाला ब्यूरो
लारजी (कुल्लू)। तीन माह से बंद एनएचपीसी की पार्वती चरण तीन के पावर स्टेशन की हेड रेस टनल (एचआरटी) का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है। अब हेड रेस टनल में पानी भरने का कार्य शुरू कर दिया है।
परियोजना प्रबंधन के अनुसार कुछ ही दिनों में पार्वती तीन में बिजली उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान मशीनों से जांच प्रक्रिया में बांध से सैंज नदी में पानी छोड़ा या रोका जा सकता है, जिससे सैंज नदी का जलस्तर कभी भी बढ़-घट सकता है। परियोजना प्रबंधन ने स्थानीय जनता से नदी के किनारे न जाने और सावधानी बरतने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि पार्वती जल विद्युत परियोजना के तृतीय चरण की हेड रेस टनल में हो रही लीकेज को परियोजना प्रबंधन ने गंभीरता से लेते हुए उत्पादन बंद कर मरम्मत कार्य शुरू किया था। 800 मेगावाट की इस परियोजना में दो वर्ष पहले उत्पादन शुरू हो चुका है। लेकिन बिहाली में टनल से रिसाव ने सैंज घाटी की जनता और परियोजना प्रबंधन दोनों को चिंता में डाल दिया था। दो माह पूर्व परियोजना प्रबंधन ने जनता की सुरक्षा को देखते हुए उत्पादन बंद कर टनल की मरम्मत की। सियुंड से लारजी तक की पहाड़ियों के भीतर बनी आठ किमी लंबी टनल में बिहाली गांव के पास रिसाव होने से निर्माण कार्य पर अंगुली उठ चुकी है। टनल के भीतर सैंज नदी के पानी का बहाव डायवर्ट किया गया है। लारजी में भूमिगत पावरहाउस में बिजली का उत्पादन होता है। रिसाव के कारण बिहाली में पहाड़ी से झरना फूट पड़ा था। परियोजना के प्रबंधक संदीप मित्तल ने बताया कि टनल से हो रहे रिसाव से कंपनी को खासा नुकसान झेलना पड़ा है। पहले भी दो बार मरम्मत की जा चुकी है। इस बार भू गर्भ विशेषज्ञों की राय से दो माह से उत्पादन बंद कर इसकी मरम्मत की गई। इसका कुल खर्चा पांच करोड़ तक आया है। उन्होंने कहा कि अब काम पूरा कर दिया और दो-तीन दिन में फिर उत्पादन होने की संभावना है। परियोजना के महाप्रबंधक सीबी सिंह ने कहा कि पानी के रिसाव की जांच के बाद इसे दुरुस्त कर दिया है।