कुल्लू। निजी स्कूलों की मनमानी अभिभावकों पर भारी पड़ रही है। निजी स्कूल संचालकों के हौसले इतने बुलंद है कि नियमों को ताक पर रखकर स्कूल चलाए जा रहे हैं। स्कूल के दस्तावेज पूरे न होने के बावजूद अभिभावकों से मोटी रकम वसूल कर उन्हें लूटा जा रहा है।
आखिर यह सब कब तक चलता रहेगा। अब यही सवाल अभिभावकों के मन में भी उठने लगा है। जिस तरह से कुल्लू शहर में अनाधिकृत तौर पर चलाए जा एक प्ले स्कूल को बंद करने का मामला सामने आया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूरदराज के क्षेत्रों में चल रहे निजी स्कूलों के क्या हाल होंगे। प्रशासन और विभाग की नाक तले चल रहे इस प्ले स्कूल को जिला दंडाधिकारी यूनुस ने बंद करने के आदेश दिए हैं।
आर लेडी ऑफ स्नो स्कूल द्वारा प्ले स्कूल अपने मुख्य परिसर से लगभग 250 मीटर की दूरी पर एक व्यावसायिक भवन की एकमात्र मंजिल में संचालित किया जा रहा था। मौखिक और लिखित निर्देशों के बावजूद प्ले स्कूल व्यावसायिक भवन में संचालन के लिए सक्षम अधिकारियों की मंजूरी तथा पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर पाया। ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लोगों ने सवालों के घेरों में खड़ा कर दिया है। शिक्षा विभाग के बगल में चल रहे प्ले स्कूल पर कार्रवाई आखिर विभाग क्यों नहीं कर पाया। बताया जा रहा है कि जिला में अभी और भी कई ऐसे निजी स्कूल हैं। जिनके पास दस्तावेज अधूरे हैं। ऐसे स्कूलों पर भी अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। उपायुक्त यूनुस ने कहा कि अनाधिकृत प्ले स्कूल को बंद करने के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी को यह आदेश दिए गए हैं कि वह निजी तौर पर जिला के किसी भी भाग में अनाधिकृत तौर पर संचालित किए जा रहे ऐसे स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।