अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। बर्फ की कैद में दुश्वारियां झेल रहे लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। गोंदला और खंगसर पंचायत के लोग भारी बर्फबारी के बीच 20 किमी पैदल चल कर जिला मुख्यालय केलांग पहुंचे। यहां पर लोगों ने विरोध रैली निकाली। इसके चलते सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद लोगों ने डीसी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों ने बीएसएनएल कार्यालय का भी घेराव किया।
गोंदला पंचायत के उप प्रधान सूरज ठाकुर की अगुवाई में लोगों ने केलांग बाजार से उपायुक्त कार्यालय तक नारेबाजी की। दोनों पंचायतों ने भी लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। रैली में कई महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से इलाके में न तो टेलीफोन सेवा सुचारु है और न ही हेलीकॉप्टर की उड़ानें हो रही हैं। सूरज ठाकुर ने जिला प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी है कि अगर मौसम साफ होने के बाद गोंदला हेलीपैड के लिए तत्काल हेलीकॉप्टर की उड़ान नही हुई तो गोंदला और खंगसर पंचायत लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इससे पहले पट्टन के 10 और चंद्रा वैली की दो पंचायतों के लोग लोकसभा चुनाव का बहिष्कार का एलान कर चुके हैं। सूरज ठाकुर ने कहा कि एक तरफ डिजिटल इंडिया की बात हो रही है तो दूसरी तरफ यहां पिछले दो महीनों से दूरसंचार नेटवर्क ठप है। जिप उपाध्यक्ष शशि किरण ने कहा कि चंद्रा वैली की तरह समूची घाटी में हालात एक जैसे हैं। लोग टेलीफोन, सड़क और हेलीकॉप्टर सेवा के लिए परेशान हैं। बबीता और सरिता ने कहा कि इलाके में कई स्कूली बच्चे फंसे हैं। दूरसंचार सेवाएं ठप होने से लोग पिछले दो महीनों से अपनों से बात नहीं कर पाए हैं। खंगसर पंचायत के पूर्व प्रधान सुंदर सिंह ने कहा कि लोग इतने मजबूर हो गए हैं कि हिमखंड की परवाह किए बगैर बर्फबारी के बीच विरोध रैली में शामिल होने के लिए केलांग पहुंचे हैं।