कोकसर (लाहौल स्पीति)। पर्यटन स्थल और जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति को जोड़ने वाले रोहतांग दर्रे से अब वन-वे ट्रैफिक चलेगा। दर्रे में रविवार को भी वन-वे के तहत वाहनों की आवाजाही हुई है। लाहौल से 32 वाहन मनाली पहुंचे। इनमें करीब 185 लोगों ने रोहतांग दर्रे को पार किया है।
वन-वे वाहनों को छोड़ने का फैसला लाहौल-स्पीति प्रशासन ने लिया है। दर्रा पर सड़क के तंग होने तथा रात केे समय बर्फीली हवाएं चलने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद होने लगी है। शनिवार को भी कई घंटो तक वाहन फंसे रहे। रेस्क्यू पोस्ट कोकसर से मिली सूचना के अनुसार पिछले तीन दिनों से रोहतांग दर्रा और आसपास के इलाकों में बर्फीली हवाएं चलने से जगह-जगह सड़क बंद गई थी। इसे साफ करने में बीआरओ को घंटों का समय लग रहा है। इससे रेस्क्यू टीम और वाहन चालकों को भी परेशान होना पड़ रहा है। लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर रेस्क्यू टीम के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने 25 नवंबर से दर्रा से एक तरफा ही वाहनों को चलाने का निर्णय लिया है। एसडीएम केलांग अमर नेगी ने बताया कि रोहतांग पर रात को हवा चलने से सड़क में बर्फ की मोटी दीवार खड़ी हो रही है। वहीं सड़क भी तंग होने से परेशानी हो रही है। उधर, बचाव चौकी कोकसर के प्रभारी पवन ठाकुर ने बताया कि प्रशासन के निर्देश अनुसार रविवार को कोकसर से मनाली-कुल्लू के लिए वाहनों को छोड़ा गया। इनमें 14 सूमो, नौ पिकअप, दो टेंपो ट्रेवलर, एक बोलेरो कैंपर और तीन कारों सहित कुल 32 वाहनों को रेस्क्यू टीम कोकसर की मदद से रोहतांग दर्रा पार करवाया गया। इन 32 वाहनों में कुल 185 लोग लाहौल से मनाली पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को मनाली की ओर से लाहौल के लिए वाहन भेजे जाएंगे। नेगी ने कहा कि सड़क दुरुस्त न होने तक वाहनों को इसी तरह एक तरफा भेजा जाएगा। उन्होंने सभी चालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है।