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यहां शराब व अन्य नशे पर देवता का पूर्ण प्रतिबंध

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शगंचूल महादेव के सौह में नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध
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यहां शराब और अन्य नशा कर नहीं जा सकता कोई, सौह में सभी को बैठना पड़ता है नीचे
नशीले पदार्थों को ले जाना देव नियम के खिलाफ
अमी चंद भंडारी
कुल्लू/खराहल। कुल्लू जिले की सैंज घाटी की चोटी पर स्थित शगंचूल महादेव के अपने कायदे और नियम हैं। लोगों के मुताबिक पांडवों के समय में बने देवता के मनोरम और पवित्र विशाल सौह में कोई भी शख्स नशीले पदार्थ का सेवन न तो कर सकता है और ले जाना भी देवता के नियम के खिलाफ माना जाता है। लिहाजा इस सौह में शराब या अन्य नशीले पदार्थ पर देव आदेश के अनुसार पूर्ण पाबंदी है। ऐसे में देवता नशे के खिलाफ भी संदेश देते हैं।
कारकूनों के मुताबिक इस रमणीय स्थल पर शराब व अन्य नशीले पदार्थ पीकर आना वर्जित है। शगंचूल महादेव रामपुर के राजा का कुल देवता माना जाता है। पिछले साल इस मंदिर की प्रतिष्ठा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पहुंचे थे। मान्यता यह है कि सौह में कोई भी शख्स कुर्सी पर विराजमान नहीं हो सकता है। यहां पर हर जनमानस को जमीन पर ही बैठना पड़ता है। इस विशाल मैदान में कोई भी पत्थर कंकर और जंगली झाड़ियों तक नहीं उगती है। लोगों के अनुसार इस मैदान की मिट्टी को पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान छान दिया था। ऐसी माना जाता है कि पांडवों ने यहां पर खेती भी की थी। सदियों से इस विशाल मैदान पर वांछित झाड़ियां तक नहीं उगती है। यहां पर केवल घास ही उगता है और घास भी अन्य घास से भिन्न है। यह घास प्राकृतिक तौर से काफी पौष्टिकता से भरपूर है। मैदान पर लोग गाए चराने के लिए लाते हैं और शाम को गाय अपने घर पहुंच जाती है। बताया जाता है इस घास खाने से गाए दूध भी अधिक देती है। यहां तक पहुंचने के लिए संकरी व खराब सड़क थोड़ा परेशान करती है। सरकार को इस सड़क को पक्का करना चाहिए। इससे पर्यटन को और पंख लगेंगे और स्वरोजगार भी युवाओं को मिलेगा।
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शगंचूल महादेव गढ़ का देवता
शगंचूल महादेव गढ़ का देवता माना जाता है। जानकारी के अनुसार देवता के पास 500 बीघा जमीन थी। लेकिन अब यह जमीन देवताओं के सेवादारों में आवंटित की गई है। मंदिर के बाएं ओर विशाल व रमणीय मैदान सबको अपनी ओर आकर्षित करता है। इसके चारों ओर गगन चुंबी देवदार के वृक्ष मानों तमाम लोगों का स्वागत कर रहे हैं। देवता के कारदार गिरधारी लाल शर्मा कहते है कि देवता के सौह में कोई भी शख्स शराब व अन्य नशीले पदार्थ का सेवन कर नहीं आ सकते है। यह देव नियम के विरुद्ध माना जाता है।
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