अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। बरसात के दौरान पर्यटन नगरी के गांव सियाल और गोंपा में डायरिया फैल गया है। अब तक डायरिया की चपेट में छह लोग आ चुके हैं। सभी मरीजों का मनाली के सिविल अस्पताल और लेडी विलिंगडन अस्पताल में उपचार चल रहा है।
सियाल और मनाली के गोंपा रोड में रहने वाले पांच लोगों को सोमवार को डायरिया के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जबकि एक अन्य मरीज को डायरिया के कारण सिविल अस्पताल मनाली में उपचार के लिए लाया गया। बताया जा रहा है कि बरसात के चलते पानी के स्रोत में गंदा पानी मिलने से यह डायरिया फैला है। डायरिया की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है। हालांकि डायरिया की खबर लगते ही स्वास्थ्य विभाग और आईपीएच महकमा सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से ग्रामीणों को साफ पानी की सलाह दी जा रही है। डायरिया के बाद गोंपा और सियाल गांव में प्राकृतिक चश्मों के पानी के सैंपल भरे जा रहे हैं। इसके साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास के चश्मे के पानी का प्रयोग न करने के लिए बोर्ड लगा दिया है। आईपीएच विभाग के एसडीओ अमित ने कहा कि डायरिया के मामले प्रकाश में आए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को टैंक को साफ रखने और टैंक में बारिश का पानी न मिले इस पर कड़ी नजर रखने को कहा है। पानी में दवाई इत्यादि डालने के निर्देश दिए गए हैं। लेडी विलिंगडन अस्पताल के डॉक्टर फिलीप ने कहा कि बरसात के दौरान साफ पानी ही पीएं। किसी चश्में और बावड़ी के पानी का उपयोग न करें। बरसात के दिनों में कम से कम पीने के पानी को 20 मिनट तक उबालें या फिर कुकर में पानी को दो स्टीम देकर ठंडा कर सेवन करें। उधर, एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि साफ पानी ही उपयोग में लाएं। आईपीएच विभाग को पानी के स्रोतों को साफ रखने और पाइप लाइन का ध्यान रखने को कहा गया है। डायरिया की चपेट में आए मरीजों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। खतरे की कोई बात नहीं है।