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जिला कारदार संघ व देव संस्कृति चेरीटेबल ट्रस्ट आमने-सामने

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कारदार संघ और देव संस्कृति
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चेरीटेबिल ट्रस्ट आमने-सामने
कारदार संघ हठ छोड़ देव समाज को टूटने से बचाएं : ओम प्रकाश
दशहरा में देवी देवताओं दूरी से हिसाब दिया जाए नजराना राशि
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला देवी-देवता के संरक्षण व उत्थान के लिए काम करने वाली जिला देवी-देवता कारदार संघ और देव संस्कृति चेरीटेबिल ट्रस्ट संस्था आमने-सामने आ गई है। कारदार संघ ने चेरीटेबिल ट्रस्ट पर देव समाज को तोड़ने का आरोप लगाया था। वहीं अब चेरीटेबिल ट्रस्ट ने कारदार संघ पर रिवॉल्विंग फंड को रोकने का आरोप लगाया है।
सोमवार को चेरीटेबिल ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि कारदार संघ से हठधर्मी छोड़कर देव संस्कृति को टूटने से बचाने का आग्रह किया गया है। चेरीटेबिल ट्रस्ट का जिला देवी-देवता कारदार संघ से कोई भी लेना-देना नहीं है। उन्होंने कारदार संघ से कारदारों के समक्ष अपनी उपलब्धियों को बताने के लिए कहा है। 2011 में कारदार संघ ने माफीदार देवी-देवताओं को 25 हजार तथा गैर माफीदार को दस हजार का रिवॉल्विंग फंड देने का वायदा किया था। संघ उसकी सूची जारी करें। मंदिरों के मरम्मत के लिए सरकार 25 हजार देती है इसकी भी लिस्ट जारी की जाए। कारदार संघ ने ढालपुर में देवविधि से बनाई गई देव थड़ियों को जेसीबी से हटवाया, लेकिन कुछ थड़ियों को नहीं हटाया गया। इसके अलावा संघ ने आनी और बंजार में देवभवन बनाने की बात कही थी लेकिन कोई भी भवन नहीं बन पाया है।
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इस संबंध में ओम प्रकाश शर्मा, डॉ सीता राम ठाकुर, मेहर चंद, ईश्वरी शर्मा, बेलू राम ठाकुर तथा फागनू राम ने कहा कि चेरीटेबिल ट्रस्ट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दो करोड़ तथा पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पांच करोड़ की राशि जारी की थी इस राशि को संघ ने रोक दिया है। जिला कारदार संघ का कार्यकाल 10 मई को संपन्न हो गया है। ऐसे में अब मनाली और आनी को जिला अध्यक्ष का मौका मिलना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि दशहरा में आने वाले देवी-देवताओं के नजराना राशि में भी बदलाव की जरूरत है। दो सौ किलोमीटर की दूरी से आने वाले देवी-देवताओं को 16 हजार और दो-चार किलोमीटर दूरी से आए वाले देवी-देवताओं को 50 हजार से एक लाख तक का नजराना दिया जाता है। नजराना राशि दूरी के हिसाब से दी जानी चाहिए।
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