कोठी में रोकी जा रही सैलानियों से भरी कुल्लू की टैक्सियां, वसूले पांच हजार टैक्सी में बैठे सैलानी उतारे, चालक को भी जड़े थप्पड़
परमिट होने के बावजूद रोकी जा रही हैं टैक्सियां : प्रबल
कुल्लू टैक्सी यूनियन ने मनाली टैक्सी आपरेटरों पर लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सैलानियों से भरी टैक्सियों को मनाली से रोहतांग जाने पर कोठी में रोका जा रहा है। परमिट होने के बावजूद कोठी में टैक्सी में बैठे सैलानियों को उतारा जा रहा है। वहीं जबरन पांच हजार रुपये वसूलने का भी आरोप है। ताजा मामले में चालक को थप्पड़ भी जड़े गए। टैक्सी यूनियन कुल्लू ने मनाली टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों पर उनकी गाड़ियों को रोकने व मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में कुल्लू टैक्सी यूनियन ने एसपी शालिनी को शिकायत भी सौंपी है। कुल्लू टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के उपप्रधान प्रबल कुमार, महासचिव हरी, कैशियर मोहर सिंह, कमल, कुशाल, लाल चंद, पवन कुमार, सुदर्शन ठाकुर, बीर सिंह, खेम सिंह, देवी सिंह, कमलेश कुमार, दया नंद, फतेह सिंह, महेंद्र सिंह, राकेश कुमार, तिलक राज, देशराज, अनिल और महेंद्र सिंह के अनुसार गत तीन जून को कुल्लू टैक्सी ऑपरेटर यूनियन की एक गाड़ी के चालक कुशाल सिंह सवारी लेकर रोहतांग जा रहे थे। सायं पांच बजे जब वह पर्यटकों को रोहतांग घुमाकर वापस आ रहे थे तो कोठी में मनाली टैक्सी यूनियन के कुछ पदाधिकारियों ने गाड़ी को रोक दिया और चालक से पांच हजार रुपये जबरदस्ती लूट लिए। इसी तरह सात जून को यूनियन की एक अन्य गाड़ी परमिट के साथ सवारी लेकर रोहतांग की तरफ जा रहा था। कोठी में गाड़ी से पर्यटकों को उतारा गया और गाड़ी को वापस भेजा गया। उक्त चालक के मोबाइल को पानी में फेंक दिया और उससे मारपीट की गई। कुल्लू टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के सदस्यों ने मारपीट करने व टैक्सी रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार एसपी कुल्लू से लगाई है।
इधर, हिम आंचल टैक्सी यूनियन मनाली के प्रधान गुप्त राम ने कहा कि बिना पर्ची की गाड़ी को कोठी में रोका गया है। जुर्माने के रूप में 200 रुपये वसूले गए हैं। मारपीट करने के आरोप निराधार हैं। वहीं, एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि शिकायत मिली है। एसएचओ मनाली को जांच करने के लिए कहा गया है। तथ्य को जांच परख कर मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
रोहतांग जाने को परमिट है जरूरी
रोजाना रोहतांग केवल 1200 वाहन ही जा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन परमिट जरूरी है। परमिट होने पर गुुलाबा बैरियर से आगे वाहन छोड़े जाते हैं। बिना परमिट गुुलाबा से आगे वाहन नहीं जा सकते हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर यह लागू किया गया है।