अमर उजाला ब्यूरो
बंजार (कुल्लू)।
कलवारी-पलाहच पेयजल योजना सात साल से अधर में लटकी है। 2010 में योजना का काम शुरू किया गया था। अब तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने कार्य जल्द पूरा न करने पर आंदोलन की धमकी दी है। 1993 में ग्राम पंचायत को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था।
2010 में पेयजल योजना को मंजूरी मिली ताकि इलाके में पानी की कमी को दूर किया जा सके। योजना के लिए 1.04 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अब तक योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। पेयजल की ब्रांच लाइनें कई वर्ष पहले बिछा दी गई थी। लाखों रुपये की लागत से स्टोर टैैंक बनाए जा चुके हैं।
यहां तक कि खाली टैंक अब खराब भी होने लग गए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि पलाहच क्षेत्र में पानी की किल्लत रहती है। कई बार टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ता है।
पलाहच पंचायत प्रधान प्रधान फूला देवी, उपप्रधान तेज पाल, वार्ड पंच देवेंद्र नेगी, रीना देवी, तेजा सिंह, वीर सिंह, चंद्रकला, मैना देवी, ललिता देवी, निधि सिंह, घनश्याम, प्रेम सिंह, कमलेश, नेत्र चंद, संजय, नोक सिंह, खेवा राम और मोती राम का कहना है कि आज भी इस योजना की मुख्य पाइपलाइन का कार्य आधा-अधूरा पड़ा हुआ है। कहा कि अगर पेयजल योजना को शीघ्र पूरा नहीं किया जाता तो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा।
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शीघ्र पूरी होगी योजना : एमएस धामी
जन स्वास्थ्य सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एमएस धामी का कहना है कि कलवारी-पलाहच पेयजल योजना का लगभग कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचे कार्य को पूरा करवाने के लिए ठेकेदारों को नोटिस जारी कर दिया गया है। कहा कि कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।