केलांग (लाहौल-स्पीति)। विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को अपने दम पर ही प्रचार की कमान संभालना पड़ा है। लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और न ही भाजपा का स्टार प्रचारक तो दूर राज्य स्तरीय नेता तक नहीं पहुंच पाए। लिहाज, पार्टी प्रत्याशियों को खुद अपने दम पर ही पूरे चुनाव प्रचार की कमान संभालनी पड़ी है। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रचार के लिए केलांग में राहुल गांधी की रैली करवाई थी। भाजपा ने प्रेम कुमार धूमल समेत राज्य के कई दिग्गजों को भेजा लेकिन इस बार न तो भाजपा और न ही कांग्रेस ने किसी स्टार प्रचारक को जनजातीय हलके में भेज है।
करीब 13 हजार वर्ग किमी क्षेत्र में फैली लाहौल-स्पीति में प्रत्याशियों को 1-1 वोट के लिए शून्य तापमान में पसीना बहाना पड़ रहा है। लाहौल-स्पीति में समदो ओर भुजंड पोलिंग बूथ आपस में लगभग 450 किमी दूर है। वहीं केलांग से स्पीति उपमंडल की दूरी करीब 240 किमी है। विधान सभा क्षेत्र का दायरा बड़ा होने के कारण हर गांव और वोटर तक पहुंचना संभव नहीं है। कांग्रेस के रवि ठाकुर ने कहा कि इस बार चुनाव प्रचार के लिए कोई स्टार प्रचारक नहीं पहुंच पाए। लिहाजा हलके में कोई बड़ी रैली और जनसभा का आयोजन नहीं हो सका। भाजपा के प्रत्याशी डॉ राम लाल मार्कंडेय ने कहा कि पहले राष्ट्रीय स्तरीय नेताओं के आने का कार्यक्रम था लेकिन व्यस्तता के कारण नहीं आ पाए।