अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)।
नेता जी हमारे गांव बस कब आएगी ? कब तक टैक्सियों और ऑटो के लिए जेब हल्की करते रहेंगे। ये सवाल कुल्लू जिला के वो ग्रामीण प्रत्याशियों से पूछने लगे हैं जिनके गांवों में सड़क तो है, मगर बसें नहीं चल पाई हैं।
यह कहानी मात्र एक गांव की नहीं बल्कि कुल्लू और मनाली के विस क्षेत्रों के कई गांवों की है। सड़कों के उद्घाटन के बाद ट्रायल तौर पर बसें तो चली, लेकिन बाद में आज तक बसों का दीदार नहीं हुए। चुनावी बेला के समय अब लोग इस मुद्दे को नेताओं के सामने उठा रहे हैं। जिला के बागन पीज, कुल्लू -लारीकोट, कुल्लू-गाहर, राउगी कोटाधार, जरी-मलाणा, थाटीबीड़, शमशी-छोयल जैसे कई रूट लोनिवि ने तो पास किए हैं। मगर इन रूटों पर बसें नहीं चलाई जा रही हैं। महज उद्घाटन के वक्त ही बसों का दीदार हुए। ऐसे में ग्रामीण अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीण महेंद्र, शेर सिंह, दयानंद, चुनी लाल, हेमराज, दीनानाथ, गीता ठाकुर, राजकुमारी, निर्मला ने कहा कि उनके गांवों तक बसें उद्घाटन के समय तो आई थी। लेकिन बाद में बसों के दर्शन नहीं हुए। चुनावी बेला पर तो नेता वादा कर देते हैं लेकिन बाद में भूलकर भी दर्शन तक नहीं देते हैं। महज लोगों को आश्वासन ही मिलते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में चुनाव लड़ रहे नेताओं से इसका जवाब लिया जाएगा।
बस सेवा करेंगे बहाल
मनाली विस के कांग्रेस प्रत्याशी हरिचंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के दोबारा सत्ता में आने पर कुल्लू-गाहर, राउगी-कोटाधार तथा अन्य रूटों पर बसें प्राथमिकता के आधार पर चलाएगी। कुछ क्षेत्रों में तो बसों की सेवा लोगों को कांग्रेस की सरकार मुहैया करवाई है। आगे भी इसके लिए भरपूर प्रयास करेंगे।
गंभीरता से करेंगे प्रयास
मनाली विस के भाजपा प्रत्याशी गोविंद ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने नए रूटों पर बसें चलाने के लिए हर संभव प्रयास किए। लेकिन सरकार बदलने के बाद इस ओर गंभीरता से कोई प्रयास नहीं किए गए। सत्ता में आने पर गंभीरता से इस ओर अथक प्रयास करेंगे।