जालसाज ने खुद को बताया था आरटीओ अधिकारी, पुलिस जांच में जुटी
आधार और हस्ताक्षर तक की कॉपी लेकर भरोसा जमाने के बाद किया खेल
ठगी का मामला सामने आने के बाद कुल्लू में कई तरह की चर्चाओं का दौर शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। वीआईपी नंबर दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 1.80 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। खुद को आरटीओ अधिकारी बताने वाले जालसाज ने आधार और हस्ताक्षर तक की कॉपी लेकर भरोसा जमाया लेकिन न नंबर मिला, न पैसा लौटा।
अब पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू कर चुकी है। हाई-प्रोफाइल नंबर के पीछे की यह स्कीम अब ठगी का नया चेहरा बनकर सामने आई है।
ठगी के बाद आरोपी ने युवक का फोन और संदेशों का जवाब देना बंद कर दिया। पुलिस शिकायत मिलने के बाद छानबीन में जुट गई है। 21 सितंबर को पुलिस थाना कुल्लू में मोहित यादव निवासी मनाली ने कहा कि आरोपी ने खुद को आरटीओ ऑफिस का अधिकारी बताकर उन्हें नए वाहन पर वीआईपी नंबर दिलाने का झांसा दिया है। आरोपी ने विश्वास दिलाने के लिए युवक के आधार कार्ड और हस्ताक्षर की कॉपी भी साझा की। युवक आरोपी के धोखे में आ गया और उसने आरोपी के बताए गए खाते में 1.80 लाख रुपये भी जमा करवा दिए। कई दिनों तक उन्हें अपने वाहन का वीआईपी नंबर नहीं मिला तो उन्होंने आरटीओ कार्यालय से जानकारी हासिल की। पूछताछ करने पर पता चला कि ऐसा आरटीओ कार्यालय में कोई अधिकारी नहीं है। तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।
दूसरी ओर, ठगी का मामला सामने आने के बाद कई तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वीआईपी नंबर के लिए ठगी के अनूठे मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करती है, यह देखने वाली बात होगी।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू संजीव चौहान ने कहा कि पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच में जुटी है।