अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। चंद्रा घाटी के सिस्सू स्थित हेलीपैड से बर्फ नहीं हटाने से 16 स्कूली बच्चों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। इन विद्यार्थियों का स्कूल शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि एक जेसीबी मशीन का तार टूट गया था, उसे ठीक कर दिया है। लेकिन सिस्सू से हेलीपैड तक पहुंचने में तीन दिन लग गए।
लोक निर्माण विभाग के चौकीदार से लेकर एसडीओ तक नदारद हैं। एकमात्र जेसीबी ऑपरेटर और कुछ मजदूर के सहारे हेलीपैड से बर्फ हटाई जा रही है। पूर्व जिप सदस्य और सेव लाहौल-स्पीति संस्था के अध्यक्ष प्रेमचंद कटोच ने बताया कि जनवरी से अब तक सिस्सू हेलीपैड में करीब आठ से नौ फीट बर्फ की मोटी परत है। इसको हटाने के लिए विभाग ने दो मशीन एक डोजर, एक जेसीबी और 10 से 12 मजदूरों को यहां रखा है। हेलीपैड से धीमी गति से बर्फ हटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सिस्सू से कुछ लोग केलांग पैदल गए और डीसी तथा एसडीएम को इस बारे में अवगत करवाया गया। प्रेमचंद ने घाटी में फंसे जरूरत मंद लोगों व विद्यार्थियों को सुरंग के रास्ते निकालने की मांग की है। उपायुक्त अश्वनी कुमार चौधरी ने कहा कि करगा से सहायक अभियंता और मैकेनिक जेई को बुला कर डोजर को शीघ्र ठीक करने की हिदायत दी है।