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न बर्फ हटाओ अभियान चला, न मशीनें ठीक

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अमर उजाला ब्यूरो
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केलांग/कोकसर/लाहौल-स्पीति। सीमा सड़क संगठन के एक मार्च से रोहतांग दर्रा से शुरू होने वाले बर्फ हटाओ अभियान को झटका लगा है। बड़ी बात यह है कि सिस्सू स्थित बीआरओ की डेट कैंप में जवानों का राशन तक खत्म हो चुका है। बताया जा रहा है कि बीआरओ की कई मशीनें खराब चल रही हैं। लिहाजा अभी तक मिशन बर्फ हटाओ अभियान को धक्का लगा है।
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पिछले तीन दिनों से घाटी में मौसम खुशगवार है। इसके बावजूद बीआरओ की मशीनों ने सड़कों से बर्फ हटाने का काम शुरू नहीं किया है। हालांकि तोद वैली में बीआरओ अपनी खटारा डी-50 डोजर से कछुआ गति से बर्फ हटाने में जुट गया है। जबकि तांदी-किश्तवाड़ और केलांग-सिस्सू सड़क पर फिलहाल कोई हलचल नहीं है। बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप के पास एक डोजर और एलएनटी बर्फ में दबे पड़े हैं। सिस्सू में स्नो कटर का टायर पंचर है। करगा स्थित डेट में भी एक डी-80 डोजर खराब पड़ा है। 94 आरसीसी के मुख्य डेट उदयपुर की तरफ से भी मशीनों को फिलहाल सड़कों पर तैनात नहीं किया गया है। घाटी के भीतर अभी जिस्पा से स्तीमंगरी तक महज 15 किमी के हिस्से से बर्फ हटाया गया है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल और हेलीपैड तक पीठ पर उठा कर पहुंचाना पड़ रहा है। जिला प्रशासन भी सड़कों की बहाली को कई बार बीआरओ से बात कर चुकी है। लेकिन बीआरओ बजट की कमी का हवाला देकर फिलहाल सड़कों की बहाली के लिए तैयार नहीं है। डीसी लाहौल-स्पीति ने इस मामले को लेकर बीआरओ से बैठक भी की है। स्थानीय निवासी किशन, सुरेश, रोहित तथा सोनम ने कहा कि बर्फ हटाने को लेकर सालों के बाद पहली दफा बीआरओ की सुस्ती देखी गई है। सड़क बंद होने से मरीजों के साथ आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीआरओ के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल उमा शंकर का कहना है कि घाटी में लगातार बर्फबारी होने से अभियान शुरू नहीं किया जा सका है। कहा कि मौसम खुलने पर ही रोहतांग दर्रा से बर्फ हटाओ अभियान आरंभ होगा।
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