अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पार्वती घाटी में हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही होटल, रेस्तरां व होमस्टे की जांच अब अंतिम चरण में है। घाटी के दर्जनों व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में सील बंदी की तलवार लटकी हुई है। निशानदेही के बाद 70 होटलों के दस्तावेजों की चेकिंग सितंबर माह में की जाएगी।
राजस्व विभाग ने पार्वती घाटी के सूमारोपा, जरी, मणिकर्ण, बरशैणी, कसोल, छलाल, कटागला, रशोल, तुलगा, पुलगा व ग्राहण में 182 होटलों, रेस्तरां व होमस्टे की निशानदेही को जून माह में पूरा कर दिया था। इनमें कई खामियां सामने आई थी। साथ ही इनमें से 70 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों की जांच बची हुई है और शेष की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी है। अब एसडीएम कुल्लू की अगवाई में एक टीम तुलगा, पुलगा, रशोल, ग्राहण व सूमारोपा में दबिश देगी और जांच के बाद इसकी एक कंपाइल रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में पेश होगी। उल्लेखनीय है कि मणिकर्ण घाटी में अभी भी 60 से अधिक व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद चल रहे हैं। बिना अनुमति के चल रहे होटलों के साथ कई रेस्तरां, होमस्टे व ढाबे सरकारी भूमि पर बने हैं। इन होटलों में पर्यटन विभाग के साथ टीसीपी व प्रदूषण बोर्ड के नियमों की भी अनदेखी सामने आई है।
जांच के लिए मौके पर जाएगी टीम : अमित
एसडीएम कुल्लू डॉ. अमित गुलेरिया ने कहा कि पार्वती वैली में हाईकोर्ट के आदेशों की पालना की जा रही है। निशानदेही के बाद करीब 70 होटलों का निरीक्षण रह गया है। इसके निरीक्षण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक टीम दस्तावेजों की जांच के लिए मौके पर जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के कागज पूरे नहीं होंगे, उन्हें हाईकोर्ट के आदेश पर सील किया जाएगा।