कोकसर (लाहौल-स्पीति)। पश्चिमी विक्षोम के एक बार फिर सक्रिय होने और हिमालय क्षेत्र में मई महीने में भी बर्फबारी होने से पर्यटकों की सैरगाह 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा पर तीसरी बार यातायात बाधित हुआ है। बीआरओ ने इस वर्ष सबसे पहले छह अप्रैल को रोहतांग दर्रा यातायात के लिए खोला था। ऐसे में बार-बार बर्फबारी से बीआरओ की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बार-बार सड़क से बर्फ हटानी पड़ रही है।
गत 11 अप्रैल को भारी बर्फबारी के चलते रोहतांग चार दिनों के लिए बंद हुआ। दूसरी बार 18 अप्रैल को फिर से बर्फबारी और हिमखंड गिरने से एक सप्ताह तक दर्रा यातायात के लिए बंद रहा। रविवार से घाटी सहित पीर पंजाल की पहाड़ी पर फिर से बर्फबारी होने से रोहतांग पर यातायात बाधित हुआ है।
इस संबंध में बचाव चौकी कोकसर में तैनात वीर सिंह ने बताया कि सोमवार को सुबह के सत्र में थोड़ी देर बर्फबारी रुकने पर कोकसर की और से पांच छोटे वाहनों को मनाली के लिए छोड़ा गया है, लेकिन रोहतांग पर बर्फ जमने से अभी वाहनों को वापस सवारी सहित सुरक्षित कोकसर पहुंचाया गया है। मंगलवार को बर्फबारी का दौर जारी रहा।
उधर, परिवहन निगम केलांग डिपो की बसों के पहिये भी थम गए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद मनेपा ने बताया कि सोमवार को कुछ बसें लाहौल और कुल्लू के लिए चलाई गई थीं। मौसम के बदलते तेवर को देख मढ़ी और कोकसर से तमाम बसों को सवारी सहित वापस अपने गंतव्य तक पहुंचाया गया है। ताजा हिमपात के कारण बीआरओ को मनाली-बारालाचा-लेह और ग्रांफू-कुंजम-काजा मार्ग बहाल करने में भी दिक्कत आ रही है।