कुल्लू। श्रम नियमों की अवहेलना करना पर्यटन नगरी मनाली के 48 होटल समेत अन्य व्यापारिक संस्थानों के संचालकों को महंगा साबित हो सकता है। श्रम नियमों ही अवहेलना पर श्रम विभाग कुल्लू ने 48 चालान कोर्ट में दायर किए गए हैं। जिन पर कोर्ट से शिकंजा कस सकता है। श्रम विभाग की सख्त कार्रवाई से संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार पिछले दिनों श्रम निरीक्षक सतीश कुमार ने मनाली में औचक निरीक्षण कर श्रम नियमों का जायजा लिया। इस दौरान कई होटल, ढाबा, दुकान व रेस्तरां में श्रम नियमों संबंधी खामियां पाई गईं। जिन्हें श्रम निरीक्षक ने कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब तलब किया। नोटिस के बाद कुछ लोगों ने आवश्यक दस्तावेज पेश किए। जिस पर उन्हें छोड़ा गया। जबकि 48 मामलों में श्रम निरीक्षक नोटिस के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। इनमें पंजीकरण, वर्कर रिकॉर्ड, कम वेतन देना, पहचान पत्र, निर्धारित समय से पहले व बाद तक दुकान खोलना, तय छुट्टी वाले दिन दुकान खुली रखना समेत अन्य कई खामियां थीं। नियमों की अवहेलना पाए जाने पर श्रम निरीक्षक ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर चालान कोर्ट में दायर किए। कोर्ट से लापरवाह संचालकों को जुर्माना हो सकता है। नियमानुसार दुकान या अन्य का श्रम विभाग के पास पंजीकरण होना जरूरी है। इसी के साथ वर्कर वेतन, साप्ताहिक अवकाश समेत अन्य जानकारी का रिकॉर्ड होना आवश्यक है।
उधर, श्रम निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि मनाली में श्रम नियमों का पालन न होने पर 48 चालान कोर्ट में दायर किए गए हैं। मामलों में नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है। उन्होंने सभी दुकानदारों व अन्य संचालकों से श्रम नियमों के पालन व सभी रिकॉर्ड सही तरीके से रखने की अपील की है।