तलोगी से वन विभाग ने हटाया अवैध कब्जा
28 प्लम और नाशपाती के पेड़ों पर चलाई आरी
75 बीघा की निशानदेही का कार्य भी किया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशानुसार शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने बिजलीमहादेव वन बीट के तहत तलोगी में वन भूमि पर किया गया ढाई बीघे के अवैध कब्जे को हटाया। इस दौरान वन विभाग ने 28 प्लम और नाशपाती के पेड़ों पर आरी भी चलाई। साथ ही विभाग की टीम ने खराहल, काईस, तांदला, रायसन और ब्यासर बीट में 75 बीघा वन भूमि पर किए गए कब्जों की भी निशानदेही की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वन विभाग द्वारा शुरू की गई कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। विभाग पैमाईश के साथ-साथ वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को भी छुड़वाएगा। वन विभाग कुल्लू ने अभी तक 33 बीघा से अवैध कब्जों का छुड़वा दिया है। इसमें सेब, प्लम और नाशपाती के करीब तीन सौ पेड़ों की प्रूनिंग भी की गई है। शुक्रवार को वन विभाग कुल्लू के आरओ बलदेव शर्मा की अगुवाई में तलोगी में की गई कार्रवाई में वन विभाग के बीओ देवेंद्र भंडारी, जोगिंद्र सिंह, प्रेम सिंह, विजय कुमार तथा रीना कुमारी भी शामिल रहीं। विभाग कुल्लू के आरओ बलदेव शर्मा ने कहा कि विभाग की टीम प्रथम चरण में 18 केसों पर कार्रवाई कर रही है। 75 बीघा की राजस्व विभाग के साथ निशानदेही की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी लोगों ने वन भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा किया है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
कसोल के होटलों की निशानदेही आज से
कुल्लू। हाईकोर्ट के आदेश में मणिकर्ण की पार्वती वैली के कसोल और इसके आसपास के इलाकों के होटलों, रेस्तरां, लॉज और होम स्टे की निशानदेही शनिवार से शुरू की जाएगी। एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है। शनिवार से तहसीलदार भुंतर की अगुवाई में कसोल से निशोनदेही का अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में कसोल के आसपास के क्षेत्रों में बने होटलों, लॉज और होम स्टे की पर्यटन विभाग का पंजीकरण, टीसीपी की मंजूरी तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी के दस्तावेजों को चेक किया था, जिसमें 42 होटलों को सील किया गया था।