जागरा जलाकर हुआ दियाली उत्सव का आगाज
जुआणी महादेव और थान के मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
आज गुण तोड़ने को देवलुओं में होगी जोर आजमाइश
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। घाटी के आराध्य देवता जुआणी महादेव और थान देवता के मंदिर में दियाली उत्सव के उपलक्ष्य पर आस्था का सैलाब उमड़ा। इस मौके पर देवलुओं ने मंदिर में जागरा जलाकर देव विधि का निर्वहन किया गया। जुआणी महादेव के मंदिर स्थित जुआणी में जागरा को ढोल, नगाड़ों और करनाल की मंगल ध्वनि के बीच देव विधि से जागरा को जलाया गया।
सबसे पहले गूर ने मशाल को देव विधान से जलाकर जागरे के चारों ओर परिक्रमा की। उसके पश्चात मशाल से जागरा को जलाया। परिक्रमा में तमाम देवलु और हारियान थिरकते रहे। वही, देवता के मंदिर में विशेष पूजा के साथ ही तमाम घरों में भी दियाली का पूजन जौ, अखरोट और भल्ले से किया गया। घाटी के लाल चंद, कमल, जयचंद, मोहर सिंह, राजू और अमित आदि ने कहा कि दियाली पर्व को देवपरंपरा के अनुसार सदियों से मनाया जा रहा है। मशालें जलाकर लोग आसुरी शक्तियों को दूर भगाते हैं। मंगलवार को दोनों देवता के बीच गुण तोडने की देव रस्म निभाई जाएगी। देवलुओं के बीच गुण तोड़ने को खूब जोर आजमाइश होगी। जुआणी महादेव के कारदार ओमप्रकाश महंत ने कहा कि देवता के स्वर्ग प्रवास के दौरान आसुरी शक्तियों को भगाने के लिए मंदिरों में अश्लील जुमलों को आदान-प्रदान किया जाता है। देव परंपरा के अनुसार ही निभाया जाएगा। न्योली पंचायत के उपप्रधान एवं देवता जुआणी महादेव के पुजारी भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि दियाली की तमाम रस्म को मर्यादा में रह कर निर्वहन देवलु करते हैं। दियाली पर्व की की तैयारियां करीब एक सप्ताह पूर्व ही शुरू हो गई थी। मशालें जलाने के बाद मंगलवार को गुण तोड़ने की रस्म को पूरा किया जाएगा।