कुल्लू। कुल्लू के कसोल में अवैध रूप से चल रहे 42 होटल हाईकोर्ट के आदेश पर सीज कर दिए गए हैं। हिमाचल में इन दिनों हाईकोर्ट व एनजीटी के दखल के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि होटल अवैध थे तो आज दिन तक इन पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हाईकोर्ट में मामला उठने के बाद चंद दिनों में ही आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए अवैध होटल सीज भी कर दिए गए हैं। हालांकि पूर्व में भी टीमें अवैध कब्जों पर कार्रवाई करने के लिए मौके पर पहुंचती रही है, लेकिन बाद में खाली हाथ ही वापस लौटी हैं। इस मामले में त्वरित कार्रवाई से होटल व्यवसायी भी दंग हैं। पंजीकरण समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी करने का मौका तक न मिलने पर कारोबारियों में मायूसी है। अवैध कब्जों की फेहरिस्त में भी कुल्लू का नाम ऊपर है। इन मामलों में भी कार्रवाई के नाम पर धीमी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। हाईकोर्ट व एनजीटी के सख्त रवैये पर प्रशासनिक अमला तुरंता सक्रिय होकर कार्रवाई कर रहा है। जबकि सामान्य तौर पर हर तरफ से ढील सामने आती रही है। इधर, एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई गई है।
कसोल में पहुंची टीम ने हाईकोर्ट के आदेश को बताते हुए होटल सीज किए। इसमें होटल संचालकों और मालिकों की ओर से भी सहयोग किया गया। हालांकि होटल के ऊपर बने घरेलू आवासों के बिजली पानी के कनेक्शन नहीं काटे गए हैं। जबकि सभी कामर्शियल कनेक्शन को तुरंत प्रभाव से काटा गया।
हाईकोर्ट के आदेश पर कसोल में 42 होटल बंद होने की खबर आग की तरह देशभर में फैल गई है। लिहाजा पर्यटन की दृष्टि से आगामी विंटर सीजन अब प्रभावित हो सकता है। कसोल में क्रिसमस व न्यू ईयर इव मनाने की इच्छा रखने वाले पर्यटक होटल ही न मिलने की संभावना जता रहे हैं। हालांकि कसोल बाजार व आसपास अभी भी कई नामी होटल कार्यान्वित हैं और अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पर्यटक लगातार इस मामले के सुर्खियों में आने के बाद एडवांस बुकिंग रद करवा रहे हैं और रहने व ठहरने की सुविधा को लेकर जानकारी हासिल कर रहे हैं।