कुल्लू के पिरड़ी में रिवर राफ्ट और उपकरणों की जांच करते पर्यटन विभाग और अटल बिहारी पर्वतारोहण स
- फोटो : नीबकरोरी धाम में निरीक्षण करते जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी।
पांच राफ्ट की ऑपरेटरों को करवानी होगी मरम्मत
ब्यास में उतारने से पहले देना पड़ेगा फिटनेस का प्रमाणपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में पर्यटन सीजन से पहले राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग उपकरणों की जांच की जा रही है। इसके लिए पर्यटन विभाग, अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन की संयुक्त टीम का गठन किया गया है।
यह टीम उपकरणों का निरीक्षण कर रही है। वीरवार को पिरड़ी में रिवर राफ्टिंग से जुड़े उपकरणों की जांच की गई।
टीम ने वीरवार को पिरड़ी में रिवर राफ्टिंग से जुड़े 42 ऑपरेटरों की 168 राफ्ट, लाइफ जैकेट, हेलमेंट, राफ्ट पैडल आदि की बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने 168 में से दो राफ्ट को रिजेक्ट किया। इन्हें ऑपरेटर ब्यास नदी की जलधारा में नहीं उतार सकेंगे। इसके अलावा पांच राफ्ट की दोबारा मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं। मरम्मत के बाद नदी में उतारने से पहले ऑपरेटरों को इन राफ्ट का फिटनेस प्रमाणपत्र टीम को दिखाना होगा। इसके बाद ही इन राफ्ट से साहसिक गतिविधियां हो पाएंगी। इस संबंध में रिवर राफ्टिंग केंद्र के प्रभारी गिमनर सिंह, पर्यटन विभाग के पर्यटन सूचना अधिकारी योगराज कटोच ने कहा कि पिरड़ी में संयुक्त टीम ने 168 राफ्ट की जांच हुई है। इनमें दो रिजेक्ट और पांच को मरम्मत के लिए भेजने के निर्देश ऑपरेटरों को जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिरड़ी में ऑपरेटरों के पास 200 से अधिक राफ्ट हैं, लेकिन छूटी गई अन्य राफ्ट का निरीक्षण नए शेड्यूल के अनुसार जल्द किया जाएगा।