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न्याय चाहिए तो उठानी होगी आवाज, तभी होगा महिला सशक्तीकरण

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अपराजिता कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू। महिलाओं को सही मायने में न्याय चाहिए तो उन्हें इसके लिए आवाज उठानी होगी, तभी महिला सशक्तीकरण हो पाएगा। महिलाओं के हक में जितने मर्जी कानून बना लें। लेकिन उन्हें न्याय तभी मिल सकता है, जब वे घरेलू हिंसा के खिलाफ खड़ी होकर सच बताएंगी। पुलिस भी शिकायत करने वाली महिला की मदद करेगी। महिलाएं अपने आप में सक्षम हैं।
देश की न्यायिक प्रणाली में भी महिलाओं की बात को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है। इसके बावजूद कई घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं सामने नहीं आती और उन्हें यह सब सहना पड़ता है। फिल्मों में जो कुछ दिखाया जाता है, वह हकीकत से एकदम अलग होता है।। यह बात डीएसपी आशीष शर्मा ने रविवार को जिला सहकार संघ के सभागार में आयोजित अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में कही। इसमें आशा वर्करों और सिलाई-कढ़ाई अध्यापिकाओं सहित करीब 150 महिलाओं ने हिस्सा लिया। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में डीएसपी आशीष शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमेश गुलेरिया विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमेश गुलेरिया ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत करवाया। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष दिले राम ठाकुर ने अपराजिता के बारे में प्रभावी ढंग से बताया। इस दौरान अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अमर ठाकुर, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की प्रधान दिशा देवी आदि मौजूद रहे।
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महिला थाने में आसानी से रखें बात : आशीष शर्मा
डीएसपी आशीष शर्मा ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों को रोकने के लिए घरेलू हिंसा प्रतिषेध अधिनियम 2005 में लाया है। इसमें हर एजेंसी की जिम्मेदारी तय की गई है। अगर कोई महिला शारीरिक, मानसिक तौर पर प्रताड़ित है तो वह महिला थाने में आकर रिपोर्ट करें। महिलाओं की सुविधाओं के लिए ही कुल्लू में महिला थाना खोला गया है। यहां पर महिला आसानी से अपनी बात को रख सकती है। पति-पत्नी के बीच अगर झगड़ा है तो उसमें सीधा फैसला सुनाने की बजाय दोनों पक्षों में सुलह की कोशिश की जाती है। पहली कोशिश रहती है कि परिवार को टूटने से बचाया जाए। परिवार में किसी तरह का बिखराव नहीं होना चाहिए।

महिलाओं के कार्यों में बंटा सकते हैं हाथ : रमेश
डॉ. रमेश ने कहा कि कई बार देखने को मिलता है कि महिला को ही घर का अधिक काम करना पड़ता है। जब हक बराबर का मिला है तो पुरुष भी महिला के काम में हाथ क्यों नहीं बंटा सकते। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जननी सुरक्षा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि योजनाएं महिलाओं के हित में चलाई जा रही हैं। इनका उन्हें लाभ उठाना चाहिए।

महिलाओं का सम्मान है अपराजिता: दिले राम
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष दिले राम ठाकुर ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं का सम्मान है। अपराजिता मुहिम का मुख्य ध्येय महिला सशक्तीकरण है। किसी भी समाज की भूमिका में महिलाओं को अहम योगदान रहता है। इसलिए समाज को सुदृढ़ बनाने के लिए महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण आवश्यक है। जब तक महिलाएं सशक्त नहीं होगी, तब तक सशक्त समाज की कल्पना नहीं कर सकते। कहा कि अमर उजाला की यह मुहिम महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।

नशे के खिलाफ जंग में सहयोग करें महिलाएं : अमर ठाकुर
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अमर ठाकुर ने नशे के खिलाफ जंग में महिलाएं भी सहयोग करें। कहा कि मां के हाथ में अपने बच्चों का भविष्य होता है। बच्चा पिता से अधिक अपनी मां की बात सुनता है। वर्तमान में कुल्लू में युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आ रही है। ऐसे में माताएं अपनों बच्चों को नशे से बचाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। अपने बच्चों की गतिविधियों पर भी नजर रखें।

महिलाओं के ब्यान
जागरूक होने से बदलेगा समाज
आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की प्रधान दिशा देवी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़कर वह जागरूक हुई है। लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। जब हम स्वयं जागरूक होंगे, तभी समाज को बदला जा सकेगा।

घरेलू हिंसा के बारे में मिली जानकारी
अलेउ की बीना ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में घरेलू हिंसा के बारे में विस्तार से जानकारी मिली। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाई गई विभिन्न योजनाओं के बारे में भी पता चला। कहा कि इससे उनको फायदा होगा।

अधिकारों के प्रति बढ़ेगी जागरूकता
मनाली की रेशमा ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम महिलाओं की आवाज बन रहा है। इसके माध्यम से महिलाएं अपने अधिकारों व कानूनों के प्रति जागरूक होंगी। इस तरह की मुहिम की जरूरत थी।

कानून के बारे में चला पता
पीज की निर्मला ने कहा कि कार्यक्रम बहुत रोचक था। कार्यक्रम के माध्यम से उनको कानून के बारे में जानकारी मिली। कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन से महिलाओं को बहुत कुछ पता चलेगा।
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महिलाओं के हक के लिए शुरूआत
खराहल की जितेंद्रा ने कहा कि अमर उजाला ने महिलाओं के हकों के लिए नई शुरूआत की है। ग्रामीण स्तर पर ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए, जिससे गांव की महिलाओं का हौसला बढ़ेगा और वे भी आगे आएंगी।


 
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