मौसम में बदलाव से सर्दी, जुकाम और खांसी की चपेट में आए बच्चे
अस्पतालों की ओपीडी में 25 फीसदी तक बढ़ गई मरीजों की तादाद
चिकित्सकों ने दी बच्चों और बुजुर्गों को दी ठंड से बचकर रहने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मौसम में आए बदलाव से कुल्लू घाटी के लोग वायरल की चपेट में आ गए हैं। जिला अस्पताल कुल्लू के साथ घाटी के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वायरल की चपेट में सबसे अधिक मामूस बच्चे आए हैं। जिला अस्पताल के शिशु रोग वार्ड में जो बच्चे उपचार को लाए जा रहे है, इनमें 80 फीसदी बच्चों में सर्दी, जुकाम और खांसी पाई जा रही है, जबकि कुछेक मामले बुखार के भी पाए जा रहे हैं।
वहीं अस्पताल के अलावा जिला के स्वास्थ्य केंद्रों में 25 फीसदी तक मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। मौसम में आए बदलाव और दशहरा उत्सव के लिए सजी अस्थायी मार्केट से उठ रही धूल और मिट्टी से शहर में बच्चों से लेकर अफसर और बुजुर्ग भी इसकी जद में आ गए हैं। ओपीडी के बाहर उपचार के लिए मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचार के लिए पहुंचे राम देव, सुनीता, गीता, दीपा, नेहा, शेर सिंह, तेज राम, सोनी, प्रदीप और रमेश ने कहा कि बच्चों के साथ पूरा परिवार सर्दी, जुकाम और खांसी की चपेट में आ गए हैं। बच्चों की खांसी के साथ छाती भी जाम होने लगी है। उन्होंने कहा कि सर्दी बढ़ने से वायरल फैला है। क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय वैद्य ने कहा कि ओपीडी में हर दूसरा बच्चा सर्दी, जुकाम और खांसी से पीड़ित पाया जा रहा है। बच्चों की ओपीडी 90-100 से बढ़कर अब 150 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सर्दी ने दस्तक दे दी है, ऐसे में बच्चों के साथ खुद भी गर्म रखने की जरूरत है।
सर्दी से बचने के तरीके
बच्चों को नंगे पांव में न रखें।
ठंडे पानी से भी बच्चों को दूर रखें।
बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखे जाएं
बच्चों को पानी उबाल कर पिलाएं।
धूल-मिट्टी से बचने के लिए मास्क लगाएं