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...आन पड़ी मझधार कौन लगावे पार ने मोहा दर्शकों का मन

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‘आन पड़ी मझधार, कौन लगावे पार’से मोहा दर्शकों का मन
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देवसदन में काव्य पाठ और शास्त्रीय संगीन का हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। दशहरा उत्सव के अवसर पर दशहरा उत्सव समिति की ओर से देवसदन कुल्लू में काव्य पाठ और शास्त्रीय संगीत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य धनेश्वरी ठाकुर रहीं, जबकि भाषा एवं संस्कृति विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. प्रेम शर्मा ने इसकी अध्यक्षता की। जिला भाषा अधिकारी रेवती सैणी ने सभी का स्वागत किया।
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कार्यक्रम में डॉ. सूरत ठाकुर ने राग आभोगी गाया। उन्होंने राग आभोगी विलंबित लय में आन पड़ी मझधार कौन लगावे पार एक ताल में और तुम बिन मोहे तीन ताल में गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। पंडित विद्यासागर और गोविंद घोष ने राग चंद्रकौंस में जुगलबंदी से सबका मन मोहा। महेश शर्मा ने राग विहाग के सुरों से सराबोर किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि सत्यपाल भटनागर ने व्यंग्य सुनाकर हंसने पर मजबूर किया। जयदेव विद्रोही ने यह कैसा प्रेम कविता सुनाई। इंदू भारद्वाज और पुनीत पटियाल ने स्त्री विमर्श पर कविता पाठ किया। प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार गौतम व्यथित, डॉ. प्रत्यूष गुलेरी, शिमला से राजेश कुमार चौहान ने पहाड़ी भाषा के महत्व पर कविताएं सुनाईं। इस अवसर पर धनेश्वरी ठाकुर ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं में अपनी संस्कृति को सहेजने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविता हिंदु तन मन हिंदु जीवन रग रग हिंदू मेरा परिचय सुनाकर साहित्य प्रेम का परिचय दिया। डॉ. प्रेम शर्मा ने कहा कि मेले हमारी पहचान हैं। जिसमें सारे मनमुटाव भुलाकर लोग अपनी संस्कृति को जिंदा रखा है। इस अवसर पर गुलाब सेन, कृष्ण गोपाल शर्मा, हीरालाल ठाकुर, फिरासत खां, चमना शर्मा, भुवनेश्वर शर्मा, अमित महंत आदि कवियों और कलाकारों ने भी श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।
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