महिलाओं ने गायनी विशेषज्ञ से मांगी
माफी, अब दोबारा सेवाएं देने को तैयार
डीसी ने गायनी वार्ड में जाकर लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल में गायनी डॉक्टरों की ओर से सेवाएं नहीं देने के बाद महिलाओं ने उक्त विशेषज्ञ से व्यक्तिगत तौर पर क्षमा मांगी और दोबारा से अस्पताल में आने के लिए आग्रह किया है। महिलाओं की ओर से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के बाद अब डॉक्टर अस्पताल में सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पांच माह से गायनी विशेषज्ञ का पद खाली चल रहा है। जिस पर जनहित को देखते हुए दो निजी गायनी विशेषज्ञ हॉयर किए गए हैं। जो आपातकाल में अपनी सेवाएं देते हैं लेकिन पिछले दिनों अस्पताल में हुए विवाद के बाद इन डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं देने से मना कर दिया था। जिस पर दाखिल महिलाओं ने डॉक्टर से व्यक्तिगत तौर पर माफी मांगी है और पूर्व में अन्य महिलाओं द्वारा किए गए व्यवहार पर खेद जाहिर किया है। सार्वजनिक तौर पर माफी के बाद डॉक्टर अस्पताल आने को तैयार हैं।
उधर, उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने गत देर शाम क्षेत्रीय अस्पताल पहुंच कर विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और अस्पताल में दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों के इलाज के लिए चार महिला डॉक्टर नियमित रूप से सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा एक ई-मॉक प्रशिक्षित डॉक्टर भी गायनी वार्ड में सेवाएं प्रदान कर रही है। गर्भवती महिलाओं को प्रसूति के दौरान जटिल मामलों के लिए अस्पताल प्रबंधन ने निजी अस्पतालों से विशेषज्ञ आउटसोर्स आधार पर नियुक्त किए गए हैं। ये दोनों डॉक्टर अस्पताल में मरीजों का सामान्य स्वास्थ्य जांच नहीं करेंगे। स्त्री रोग विशेषज्ञ के रिक्त पदों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के साथ सरकार को भी अवगत करवाया गया है। जब तक गायनी डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति नहीं होती है तब तक आउटसोर्स आधार पर नियुक्त दोनों डॉक्टर गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर बीमारियों का उपचार करेंगे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ सुशील चंद्र शर्मा व चिकित्सा अधीक्षक डॉ केएस मल्होत्रा ने बताया कि पिछले पांच माह में डॉ कर्नल हेमराज ने 185 सीजेरियन प्रसव करवाएं हैं।