अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सर्दी में पर्याप्त बर्फबारी न होने से पानी के मुख्य स्रोत सूखने लगे हैं। इसका असर जिले में देखने को मिल रहा है। घाटी के ग्रामीण इलाकों में खासकर पीने के पानी को लेकर त्राहिमाम की स्थिति है। कई जगह महीनों से पानी नहीं आ रहा तो कई गांवों में दस या फिर 15 दिन से पानी की सप्लाई बंद है। इससे लोगों का पानी के बगैर गुजर बसर करना एक चुनौती बन गया है। जिला कुल्लू में 75 पेयजल स्कीमों ने जवाब दे दिया है। इनमें से अधिकतर योजनाओं का पानी सूख गया है जबकि कुछेक में पानी नाम मात्र का रह गया है जो नलों तक नहीं पहुंच पा रहा है। सरकार को भेजी पेयजल स्कीमों की रिपोर्ट में जिला कुल्लू में आईपीएच विभाग की 701 पेयजल योजनाएं हैं। इनमें 75 स्कीमें ठप हो गई हैं। पहले सर्दी के दिनों उचित बर्फबारी न होने और अब भारी गर्मी से लोगों की चिंता बढ़ गई है। गांव दर गांव पानी के नलके सूख जाने से लोगों को बावड़ी या फिर नदी नालों से पानी ढोना पड़ रहा है। जिले में पानी के लिए सबसे अधिक हाहाकार जिले के बाह्य सिराज आनी डिविजन में मचा हुआ है। वहीं बंजार घाटी में पेयजल को लेकर लोग जूझ रहे हैं। सोझा में ढाई माह से पानी नहीं आ रहा है तो वहीं कोटला, चकुरठा, पढ़ारनी, लोल, शाहुंल गांव को जोड़ने वाले पेयजल स्रोत सूखे पड़ गए हैं। ग्रामीण टिकम राम, बली राम, प्रकाश, रमेश चंद, इंद्र सिंह, प्रेम सिंह राणा, हीरा सिंह, झाबे राम, बालक राम, दुनी चंद, श्याम सिंह आदि ने कहा कि चकुरठा और कोटला पंचायत केे लोगों को चार किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पानी की स्कीमें मात्र शोपीस बन कर रह गई हैं। उन्होंने कहा कि मई में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है तो जून और जुलाई में समस्या और भी विकराल हो जाएगी। जिलावासियों ने आईपीएच से पानी की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।
जिला कुल्लू में आईपीएच सर्किल की 701 पेयजल स्कीमें चल रही हैं। इनमें से 75 स्कीमें पानी न होने के कारण बंद हो गई हैं। इसमें आनी डिवीजन में सबसे अधिक 36 स्कीमें ठप हो गई हैं, जबकि 19 स्कीमें बंजार, जबकि 18 स्कीमें कुल्लू डिविजन की सूख गई हैं।
टैंकर से दी जाएगी पानी की सप्लाई : भारद्वाज
आईपीएच सर्किल कुल्लू के अधीक्षण अभियंता दिवेश भारद्वाज ने कहा कि अधिकतर स्कीमों को किसी दूसरे पानी के स्रोत से लिंक किया जाएगा। इसके अलावा पानी की समस्या से निजात पाने के लिए हैंडपंप और टैंकर से पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।