मनाली/पतलीकूहल। मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी के बाद पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख कर लिया है। पर्यटन नगरी मनाली में अब पर्यटकों की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मनाली के होटलों में वर्तमान में ऑक्युपेंसी रेट 70 फीसदी के करीब पहुंच गया है। आने वाले दिनों में इसमें और उछाल आने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत देश के मैदानी और पठारी इलाकों में गर्मियों के चलते समर सीजन की छुट्टियां पड़ गई हैं। इन इलाकों में पारा भी चढ़ने लगा है। लिहाजा इस गर्मी से निजात पाने के लिए बच्चों सहित सैलानी विश्व-विख्यात पर्यटन नगरी मनाली का रूख करने लगे हैं। सैलानियों की आमद के चलते मनाली हिडिंबा मंदिर, मनु मंदिर, वशिष्ठ, सोलंगनाला, कोठी समेत मनाली के माल रोड पर फिर से रौनक छाने लगी है। सैलानियों के आने से टैक्सी, आटो और रेस्तरां वालों की भी चांदी होने लगी है।
मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर का कहना है कि हर साल की भांति इस बार भी मनाली की ओर सैलानी रुख कर रहे हैं। अभी ऑक्युपेंसी रेट सत्तर फीसदी के करीब चल रहा है। हालांकि उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस तरह की पर्यटन नीति बनाई जाए कि मई-जून के अलावा सालभर सैलानी मनाली की ओर आकर्षित होते रहें।
हिम आंचल टैक्सी यूनियन मनाली के प्रधान राजकुमार डोगरा का कहना है कि पर्यटन सीजन के दो माह में ही सही मायने में भारी दरों पर लिए लोन से खरीदी गई टैक्सियों के माध्यम से ऑपरेटरों और चालकों को चार पैसे कमाने का मौका मिलता है। यदि समय रहते प्रशासन रोहतांग को सैलानियों के लिए खोल देता है। इससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सब लोगों को फायदा होगा।