अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)।
बर्फीली हवाओं ने रोहतांग बहाली में अड़ंगा डाल दिया है। घाटी में फंसे सैकड़ों लोग छठे दिन भी बर्फ की कैद से बाहर नहीं निकल पाए। बताया जा रहा है कि रोहतांग के आस-पास तेज बर्फीली हवा चलने के कारण सड़क पर फिर से बर्फ की परत जम रही है। इस कारण वहां से वाहनों की आवाजाही हो पाना फिलहाल संभव नहीं है।
शाम होने पर वाहन फिर सिस्सू और नर्सरी से केलांग की तरफ लौट आए। उम्मीद की जा रही थी कि बुधवार दोपहर तक रोहतांग दर्रे को बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन बर्फीला तूफान चलने से ऐसा नहीं हो सका। अब घाटी में फंसे बाहरी लोगों की बेेचैनी और परेशानी बढ़ने लगी है।
सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया कि संगठन के जवान शून्य से 12 डिग्री नीचे तापमान में रोहतांग बहाली में जुटे हैं। रोहतांग में चलने वाले बर्फीले तूफान से उनके अभियान को झटका लगा है। सड़क से बर्फ हटाने के बाद हवा के कारण फिर सड़क पर बर्फ की परत बिछ रही है। इससे वाहनों की आवाजाही संभवन नहीं है। घाटी में फंसे सैकड़ों लोग रोहतांग बहाली के इंजतार में सिस्सू, नर्सरी, कोकसर, गौंधला, उदयपुर और केलांग में दिन भर इंतजार करते रहे। अब वीरवार को ही रास्ता खुल पाएगा। बीआरओ के साथ जिला प्रशासन ने भी बुधवार को रोहतांग का जायजा लिया।
...
अभी जोखिम भरा है सफर : देवा सिंह
केलांग। लाहौल-स्पीति उपायुक्त देवा सिंह ने कहा कि बुधवार को कड़ी मशक्कत के बाद तीन सरकारी वाहन मनाली से केलांग पहुंचे। इसमें उनके साथ एसपी केलांग और एसडीएम शामिल हैं। कहा कि सड़क मार्ग अभी बेहद जोखिम भरा है। बर्फ की ठोस परत जम जाने से वाहन स्किड हो रहे हैं। वीरवार को सबसे पहले लाहौल घाटी में फंसे छोटे वाहनों को निकाला जाएगा उसके बाद ही बड़े वाहनों को कुल्लू व मनाली के लिए रवाना किया जाएगा।