कुल्लू अस्पताल को मिले दो चिकित्सक
नेत्र चिकित्सक, ईएनटी डॉक्टर के पद भरने से तीन जिलों के लोगों को मिलेगी राहत
कुल्लू में डेढ़ साल बाद भरा नेत्र रोग डॉक्टर का पद
अब निजी अस्पतालों का रुख नहीं करेंगे मजबूर मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 14 महीनों के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद भरा है। अब अस्पताल में आने वाले नेत्र रोगियों को मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। डॉक्टर न होने पर नेत्र रोग ओपीडी बंद पड़ी थी। मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे थे।
डॉक्टर ने कुल्लू अस्पताल में ज्वाइन भी कर लिया है। लेकिन फिलहाल डॉक्टर अवकाश पर हैं। ईएनटी का अन्य डॉक्टर भी कुल्लू अस्पताल को मिला है। 21 जुलाई के बाद ही डॉक्टर अस्पताल में नियमित रूप से सेवाएं देंगे। अस्पताल में बंद पड़ी नेत्र रोग ओपीडी को डॉक्टर मिलने से प्रबंधन ने भी राहत की सांस ली है। गौर रहे कि पिछले एक साल से भी अधिक समय से नेत्र रोग ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं था। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। घाटीवासी रमेश कुमार, संजीव शर्मा, हेमराज, अमरनाथ ठाकुर, विवेक ठाकुर, रविंद्र और विजय कुमार ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में कुल्लू ही नहीं, बल्कि लाहौल-स्पीति और मंडी के लोग भी उपचार करने के लिए आते हैं। दूरदराज के क्षेत्रों से लोग जब कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में आते हैं तो चिकित्सक नहीं मिलने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में डॉक्टर के अन्य पदों को भी जल्द भरा जाना चाहिए, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उधर, इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भरतभूषण कटोच ने कहा कि अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ के एक डॉक्टर ने ज्वाइन कर लिया है। फिलहाल डॉक्टर अवकाश पर है। 21 जुलाई से डॉक्टर अपनी नियमित सेवाएं देंगे। साथ ही ईएनटी का एक अन्य डॉक्टर भी अस्पताल को मिला है।