अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। शवाड़ में मेहुलनाला-घलाच-पलैईधार पेयजल योजना जवाब दे गई है। स्कीम को बिछाई गई पेयजल की पाइपलाइन जगह-जगह से टूटने से पानी की सप्लाई लोगों तक नहीं पहुंच रही है। 1980 के दशक में बनी इस पेयजल योजना का सोर्स टैंक भी पिछले कई सालों से खस्ता हालत में है। रोपा पंचायत के गांव घलाच, ढूंजी, पलैई धार तथा शिल्ली के ग्रामीणों को टूटी-फूटी पाइपलान के कारण मटमैला पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। बरसात को मौसम भी शुरू हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों को मटमैला पानी पीने से बीमारी फैलने का खतरा सता रहा है।
बताया जा रहा है कि स्रोत में पानी की मात्रा पर्याप्त है, बावजूद ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है। इस बारे में कई बार आईपीएच विभाग को शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक कार्रवाई न होने से लोगों में रोष है। पूर्व उपप्रधान रोपा कर्म ठाकुर, नूर चंद, बिहारी लाल, सुंदर सिंह, राजेंद्र कुमार, विकास ठाकुर, गीता देवी, पिंगला देवी, सुरेश ठाकुर तथा साहिल ठाकुर का कहना है कि आईपीएच विभाग को बार-बार बोलने पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है। करीब 40 साल पुरानी पेयजल स्कीम के कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। पानी के पाइपों की हालत खस्ता हो चुकी है। लोगों ने पाइपों और टैंक की मरम्मत करने की मांग विभाग से की है। लोगों ने दोटूक कहा है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं की गई तो धरना देने के लिए मजबूर हो जाएंगे। आईपीएच के अधिशाषी अभियंता राज कुमार कौंडल ने कहा कि अभी तक इस तरह की शिकायत नहीं है। अगर ऐसा है तो विभाग जल्द कदम उठाएगा।