अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर/मनाली। 13050 फीट ऊंचे रोहतांग पास से होते हुए लाहौल, पांगी आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए अभी ऑनलाइन परमिट के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा। फिलहाल पर्यटक एसडीएम कार्यालय मनाली से लिखित रूप में ली गई अनुमति से लाहौल की वादियों को निहार रहे हैं।
एसडीएम मनाली अश्वनी कुमार ने बताया कि रोहतांग और आसपास के क्षेत्र में बर्फ की ऊंची दीवार तथा सड़क वन वे होने के कारण फिलहाल पर्यटकों के लिए ऑनलाइन मिलने वाला परमिट उपलब्ध नहीं करवाया है। कहा कि इसके बदले 31 मई से सीमित दस्ती अनुमति (लिखित परमिट) दी जा रही है, जिससे कि पर्यटक रोहतांग दर्रा पार कर लाहौल जा सकते हैं। अश्वनी कुमार ने बताया कि दस्ती परमिट केवल उन होटल, होम स्टे और कैंप संचालकों की दिया जा रहा है, जिनके सभी कागजात पूरे हों और पर्यटन विभाग में पंजीकृत हो। इसके लिए बुकिंग बाउचर, पीयूसी सर्टिफिकेट, संचालक अथवा बुकिंग एजेंट का परिचय पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि रोहतांग पार के लिए सुबह दस से लेकर शाम पांच बजे तक एसडीएम कार्यालय से अगले दिन के लिए ही परमिट प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक ऑनलाइन परमिट जारी नहीं होता तब तक मैन्युअल परमिट अस्थायी तौर पर जारी रहेगा। कहा कि परमिट पाने के लिए फीस नहीं ली जाएगी, बल्कि परमिट धारक स्वेच्छा से रेडक्रॉस और मनाली गोसदन के लिए राशि दान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रा व उससे आगे, लाहौल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए समयसारिणी निश्चित की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों की अवहेलना करता है तो उसे 5000 रुपये तक जुर्माना तथा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास पंजीकरण की धारा 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी।