रोहतांग परमिट के चक्कर में पिटा पर्यटन कारोबार
सप्ताह में एक परमिट भी नहीं निकलने से टैक्सी मालिक हताश
होटल बुकिंग पर भी पर्यटक मांग रहे रोहतांग की गारंटी
अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। रोहतांग परमिट के चक्कर में मनाली का पर्यटन व्यवसाय भारी बर्फ के बावजूद पिटने की कगार पर पहुंच गया है। ऑनलाइन रोहतांग परमिट पाने में आ रही समस्या के चलते स्थानीय टैक्सी मालिकों में रोष है। गौरतलब है कि रोहतांग पास पर बढ़ते पर्यटक वाहनों के दबाव कारण पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एनजीटी की ओर से गुलाबा में बैरियर लगा कर सीमित संख्या में 800 पेट्रोल, 400 डीजल और 100 विशेष परमिट वाले वाहनों को ही गुलाबा से आगे भेजे जाने के आदेश दिए थे। लेकिन ऑनलाइन परमिट पाने में आ रही दिक्कतों के चलते करीब 3000 स्थानीय टैक्सी मालिक परेशान हैं। सप्ताह में तीन परमिट एक वाहन को मिल सकते हैं लेकिन सप्ताह में एक परमिट भी नहीं निकल पाने से अधिकतर टैक्सी मालिकों को अपना धंधा चौपट होने का डर सताने लगा है। हिम आंचल टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन मनाली के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार डोगरा के मुताबिक गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष टैक्सी कारोबार काफी मंदा चल रहा है। रोहतांग परमिट की बंदिशों के चलते पर्यटक रोहतांग नहीं जा पा रहे हैं। रोहतांग घूमने के इच्छुक पर्यटकों की संख्या रोहतांग परमिट वाले वाहनों से कहीं ज्यादा रहती है। इससे ओवर चार्जिंग को बढ़ावा मिल रहा है। दूसरी ओर रोहतांग परमिट समस्या का असर मनाली के होटल व्यवसाय पर भी हुआ है। इस वर्ष पीक पर्यटक सीजन में भी मनाली के अधिकतर होटलों में कमरे खाली रह रहे हैं। होटल मालिक सुशील, मनोज कुमार के अनुसार अधिकतर पर्यटक होटल बुक करने से पहले रोहतांग घूमने की व्यवस्था की गारंटी भी चाहते हैं जो होटल मालिकों के बस से बाहर की बात है।