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कविता, सीता व तिष्या ने शानदार अभिनय से लूटी वाहवाही

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कविता; सीता, तिष्या के अभिनय पर बजीं तालियां
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मुंशी प्रेमचंद की कहानियों की दीं शानदार प्रस्तुतियां
एक्टिव मोनाल और भाषा विभाग ने किया आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन कुल्लू, भाषा एवं संस्कृति विभाग कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में मुंशी प्रेमचंद की तीन कहानियों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। संस्था की तीन अभिनेत्रियों कविता, सीता और तिष्या ने केहर सिंह ठाकुर के निर्देशन में किए शानदार अभिनय से खूब वाहवाही लूटी। पहली कहानी ‘यह भी नशा वो भी नशा’ तिष्या ने प्रस्तुत की। कहानी समाज में ऊंच नीच और नशे में भिन्नता, जैसे हमारे समाज के कुछ तथाकथित बुद्धिमानों की ओर से भांग के नशे को पवित्र कहा जाना और शराब के नशे को अपवित्र कहा जाना दिखाता है। जबकि, कहानी में एक अंग्रेज अफसर कहता है कि नशा तो नशा ही है चाहे यह हो या वो हो। दूसरी कहानी ‘सुभागी’ सीता ने प्रस्तुत की। यह कहानी एक अबला नारी की क्षमताओं को दिखाती है। कहानी में सुभागी एक ऐसी लड़की है जो अपने माता-पिता की देखभाल और उनका अंतिम संस्कार भी स्वयं ही करती है। तीसरी कहानी कविता की ओर से प्रस्तुत ‘कफन’ रही। इसमें कविता ने अपने अभिनय से घीसू और माधो के चरित्रों को इस तरह से उकेरा कि दर्शक हैरान हो गए। कहानी में बताया गया कि एक इंसान इतना भी गिर सकता है कि अपनी बीबी के कफन के लिए मिले पैसे शराब और खाने-पीने में उड़ा सकता है। शव जैसा का तैसा आंगन में ही पड़ा रहे। नाटक में आलोक व्यवस्था रेवत राम विक्की की रही। जबकि, आलोक सहायक जीवानंद, दीन दयाल और आरती ठाकुर रहे। संस्था के अध्यक्ष केहर सिंह ठाकुर ने कहा कि दर्शकों ने कहानियों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा। रंगमंच के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था एक्टिव मोनाल का प्रयास घाटी के युवाओं में छुपी हुई प्रतिभा को निखारना है। यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
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