फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच माह से नहीं हो रहे आंखों के ऑपरेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुल्लू। चार जिला को स्वास्थ्य सुविधा देने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पांच महीनों से नेत्र विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों के ऑपरेशन भी लटक गए हैं। यहां पर नेत्र रोगी बार-बार अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में ताला होने से मरीजों को मजबूरन 100 किलोमीटर दूर मंडी या फिर निजी अस्पतालों में महंगा उपचार करवाना पड़ रहा है। अस्पताल में कुल्लू के अलावा, मंडी, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के लोग आते हैं।
सरकारी अस्पतालों में आंखों के ऑपरेशन जहां निशुल्क होते हैं, वहीं लोग निजी अस्पतालों में आठ से दस हजार रुपये खर्च कर रहे हैं। यहां पर दिव्यांगों के प्रमाणपत्र भी नहीं बन रहे हैं। 300 बिस्तरों वाले कुल्लू अस्पताल में रोजाना लोग आंखों का उपचार करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। मरीज बिमला देवी, निका राम, सालीग राम, देवी सिंह, खूब राम, सीता राम, हीरा देवी तथा छीमे डोलमा तथा भाग चंद ने कहा कि वह दो माह से बार-बार अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी में हमेशा ही ताला लगा रहता है। लोग यही सोच रहे कि आज या कल में कोई चिकित्सक आ जाएगा। दुनी चंद, रमेश चंद तथा इंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने आंखों का ऑपरेशन करवाना है। लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं होने से उनका उपचार नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक माह में होते थे 65 ऑपरेशन
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल में हफ्ते में दो दिन मंगलवार और वीरवार को रोजाना सात से आठ ऑपरेशन किए जाते हैं। ऐसे में एक माह में 60 से 65 ऑपरेशन होते हैं। लेकिन कुल्लू अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी में पांच महीने से ताला लगा हुआ है।

अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञों के पद खाली चल रहे हैं। मरीजों को पेश आ रही समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत करवा दिया है।
-डॉ. सुशील चंद्र शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें