अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ पिरड़ी डंपिंग साइट विवाद के बाद अब शहर में कूड़ा उठाया नहीं, बल्कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर जलाया जा रहा है। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों को अंधेरे का फायदा उठाकर जलाया जा रहा है। शहर में कूड़ा जलाने से हाईकोर्ट के आदेश की सरेआम अवहेलना हो रही है। साथ ही ब्यास व सरवरी खड्ड में कचरा डालकर नदी को प्रदूषित किया जा रहा है। लेकिन यहां पर पूछने वाला कोई नहीं है।
कूड़ा जलाने से रात को जगह-जगह धुएं का गुब्बार बना रहा। मौहल व पिरड़ी आदि क्षेत्रों में नदी किनारे प्लास्टिक व अन्य कचरा स्थानीय लोगों ने देखा है। इसे हाल में नदी में डाला गया है। शहर में लगातार छह दिनों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। ऐसे में अब हालात और भी खराब हो गए हैं। कूड़े को उठाने के लिए बनाए गए स्पॉट पर कूड़े के ढेर लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। कूड़े के ढेरों से शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छह दिनों तक नगर परिषद भी लोगों की समस्या का समाधान करने में विफल साबित होती नजर आ रही है। इतने दिनों से नगर परिषद मामले का हल नहीं ढूंढ पाई है। शहर के लोगों के पास छह दिनों का कूड़ा डंप हो गया है। ऐसे में अब लोग कूड़ा डाले तो डालें कहां। मजबूरन खुले में ही कूड़ा डंप किया जा रहा है। इतना ही नहीं कई जगह पर रात के अंधेरे में कूड़ा उठाने वाले पिक प्वाइंट पर कूड़ा को जलाकर नष्ट किया जा रहा है। जबकि कई जगहों पर घरों से कूड़ा उठाना बंद है। शहर में गंदगी का आलम नजर न आएं, इसके लिए कूड़े को जलाकर नष्ट किया जा रहा है। जो हाईकोर्ट के आदेश की सीधे तौर पर अवहेलना है।
सार्वजनिक शौचालय में पसरी गंदगी
क्षेत्रीय अस्पताल के समीप नगर परिषद की ओर से संचालित सार्वजनिक शौचालय में गंदगी पसरी हुई है। अस्पताल में आए तीमारदार एवं मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासी अशोक, रवि चंदेल और बबलू ने कहा कि शौचालय के साथ जूस, फ्रूट, चाट, चाय व अन्य खाद्य पदार्थों की रेहड़ियां लगी हैं। गंदगी से कई बीमारियां फैल सकती है। उन्होंने मांग की है कि शौचालय में उचित सफाई की जाए।