कुल्लू में धीमे पड़े करोड़ों के विकास कार्य
12 फीसदी जीएसटी लगने से ठेकेदारों में रोष
सड़कों का निर्माण के साथ टारिंग का काम पड़ा ठप
रोशन ठाकुर
कुल्लू। जिला कुल्लू में ठेकेदारों को आवंटित किए गए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। ठेकेदारों पर लगाए गए 12 प्रतिशत जीएसटी से ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों को रोक दिया है। यह समस्या लोक निर्माण विभाग में अधिक सामने आई है। ठेकेदारों ने सड़कों के निर्माण के साथ टारिंग तथा डंगे के कामों को रोके रखा है। इसमें करीब दो साल पुराने टेंडरों के साथ नए टेंडर भी शामिल हैं।
ठेकेदार लोक निर्माण विभाग से मांग कर रहे हैं कि उन्हें आवंटित पुराने टेंडरों का 12 फीसदी जीएसटी अलग से दिया जाएगा। ठेकेदारों द्वारा काम करने का सबसे अधिक असर सड़कों की टारिंग पर पड़ रहा है। अगले माह से जिला में सेब सीजन शुरू होने को है, लेकिन कुछ सड़कों की टारिंग को छोड़कर अधिकतर सड़कों की हालात बद से बदतर हो गई है। इसका असर पर्यटन सीजन में भी देखने को आ रहा है। वहीं सड़कों में लगाए जाने वाले क्रेेटवाल और डंगों का काम भी ठप पड़ा है।
ठेकेदार सुभाष शर्मा, कमल शर्मा, मनोज, दुनी चंद, जगदीश, बेली राम, ध्यान सिंह, प्रेम सिंह, संजय कुमार तथा रमेश चंद ने कहा कि निर्माण कार्य पर लग रहे 12 प्रतिशत जीएसटी ने उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में वह निर्माण कार्य को कैसे कर पाएंगे? पुरानेे टेंडरों में 12 फीसदी जीएसटी को अलग से दिया जाए तथा नए निर्माण कार्य में जीएसटी को एस्टीमेट में शामिल किया जाएगा।
उधर, होटल एसोसिएशन मणिकर्ण वैली के अध्यक्ष किशन ठाकुर, हुकम चंद, संजय, हरि राम और गुलाब सिंह के अनुसार सड़कों की हालात बहुत खराब है और भुंतर-मणिकर्ण सड़क की टारिंग के लिए एक माह पहले करीब दो करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है लेकिन टारिंग का कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है। टारिंग का समय निकल रहा और बरसात शुरू होने वाली है।
उधर, लोक निर्माण विभाग कुल्लू के अधीक्षक अभियंता अनिल संगराई ने कहा कि उनके ध्यान में इस तरह के मामले नहीं आए हैं। भुंतर-मणिकर्ण की टारिंग के टेंडर हो चुके हैं और जल्द ही टारिंग का काम शुरू किया जाएगा।