कुल्लू/सैंज। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के गृह जिला कुल्लू में जंगल दहक उठे हैं। रोजाना जंगलों में आग की घटनाएं पेश आ रही हैं लेकिन वन विभाग आग की घटनाओं पर काबू नहीं कर पाया है। जंगलों में लगी आग से अब तक लाखों की वन संपदा जलकर राख हो चुकी है। अभी तक विभाग यह रिपोर्ट भी तैयार नहीं कर पाया है कि कहां-कहां आग लगी है और कितना नुकसान हुआ है। धरातल स्तर पर आग की घटनाओं को लेकर महकमे के अधिकारी खुद अनजान हैं।
आग से वातावरण में चारों ओर धुआं फैल गया है। धुएं और भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आग की सबसे अधिक घटनाएं जिले के बंजार उपमंडल में सामने आई हैं। बंजार उपमंडल की चैहणी बीट, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क एरिया, शिल्ल, बाहू और सैंज के जंगलों में आग से लाखों का नुकसान हुआ है। जबकि, सैंज के जंगल भी अब आग से सुलगने लगे हैं। इसके अलावा कुल्लू और मणिकर्ण घाटी में आग की घटनाएं सामने आने लगी हैं। आग पर काबू पाने के लिए विभाग के पास अलग से टीम मौजूद नहीं है जो आग पर तुरंत काबू पा सके। हालांकि, वन विभाग के कर्मचारी आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय लोगों की मदद ले रहे हैं। एक बीट में तीन जगहों पर आग लग रही है। सैंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली दलासणी बीट में रविवार से जंगल दहक रहा है लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। आग से लाखों की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है, जबकि कई जंगली जानवर आग की भेंट चढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि अब तक आग के अधिकतर मामले चीड़ के जंगलों में सामने आए हैं जबकि कायल और देवदार के वनों में चीड़ की अपेक्षा कम आग लगी है। बताया जा रहा है कि दुर्गम क्षेत्रों में आग पर काबू पाना विभाग के लिए मुश्किल हो रहा है। अरण्यपाल अनिल शर्मा ने कहा कि जंगलों में आग लगाई जा रही है। आग पर काबू पाने के लिए विभाग के कर्मचारी दिन-रात डटे हुए हैं। अगर कोई आग लगाते हुए पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।