सैंज घाटी (कुल्लू)। सैंज घाटी के शलवाड़ में शनिवार दोपहर को जंगल में फैली आग की चपेट में आकर एक डेढ़ मंजिला मकान जलकर राख हो गया। जबकि, बगीचे में डेढ़ सौ प्लम और पचास नाशपाती के पेड़ भी जल गए। घटना में साढ़े तीन लाख रुपये का नुकसान आंका जा रहा है। वन संपदा को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासनिक टीम घटना का जायजा ले रही है। घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। गनीमत रही कि ग्रामीणों की मुस्तैदी से झलौट गांव जलने से बच गया।
गर्मी बढ़ते ही जंगलों का दहकना शुरू हो गया है। जंगलों की आग रिहायशी इलाकों तक पहुंचना शुरू हो गई है। वीरवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक जंगलों में लगी आग धनवीर सिंह पुत्र चेतराम निवासी शलवाड़ के बगीचे तक आ पहुंची। बगीचे में लगे प्लम और नाशपाती के करीब डेढ़ सौ से अधिक पेड़ जल गए। इसी के साथ बगीचे में बने मकान ने भी आग पकड़ ली। लकड़ी के बने इस मकान में एकाएक ही आग भड़क गई, जिस पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों हीरामणी, मंजू, नूरमा, मीरा देवी, सरला देवी, उत्तम सिंह, हीरा सिंह, पूर्ण चंद, विजय कुमार, गुमत राम ने आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटना का जायजा लिया। घटना में नुकसान आकलन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जंगलों में किसी शरारती तत्व ने आग लगाई थी जो फैलती हुई बगीचे तक पहुंच गई। इस घटना के बाद जंगलों में लग रही आग को लेकर चौकसी बरतना जरूरी हो गया है अन्यथा बड़ा हादसा पेश आ सकता है। कनौन पंचायत प्रधान किरणा ठाकुर ने बताया कि पीड़ित को प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा दिया जाए। स्थानीय पटवारी ठाकुर दास ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर जायजा लिया गया है। नियमानुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगलों में आग लगाने वालों की सूचना वन या पुलिस विभाग को दें। जंगलों में लगी आग को सभी गंभीरता से लें।