लोकनृत्य में दिखी विभिन्न प्रदेशों की लोक संस्कृति की झलक
असम, हरियाणा, बिहार राज्य के दल ने शानदार प्रस्तुति
कुल्लू में तीन दिवसीय लोकनृत्य महोत्सव देशज का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, हिमाचल कला संस्कृति एवं जिला कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला, जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को देशज अखिल भारतीय लोकनृत्य महोत्सव का आगाज हुआ। विभिन्न प्रदेशों के आए हुए लोक कलाकारों ने अपने प्रदेश की संस्कृति की झलक पेश की। महोत्सव में कुल्लू महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नंदलाल शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। करीब 5:30 बजे पंजाब की कलाकार ग्लोरी व लाची बाबा के लोकगीतों से हुई। लोकगीत पर कर दोनों कलाकारों ने वाहवाही लूटी। इसके पश्चात कुल्लू के सूत्रधार कला संगम के कलाकारों ने कुल्लवी नाटी पर प्रस्तुति दी। कलाकारों ने कुल्लवी संस्कृति की झलक पेश की।
असम के चराईदेउ के पवित्र पेगू एवं दल ने गुमराग नृत्य पेश किया। पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति देकर इन कलाकारों ने कार्यक्रम में समां बांधा। वहीं हरियाणा के रोहतक के दल ने दीपक नृत्य प्रस्तुत किया। लीला सैनी एवं दल ने हरियाणा के लोक संस्कृति से दर्शकों से रूबरू किया। इसके बाद कार्यक्रम में पिथौरागढ़ उतराखंड के कैलाश कुमार एवं दल ने उतराखंड का प्रसिद्ध नृत्य छौलिया पेश किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति पर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में बिहार के दल ने प्रस्तुति दी। दरभंगा के मैथिली फाउंडेशन के कलाकारों ने डोम कछ नृत्य पेश कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के लोक जनजातीय कला प्रभारी अमित सक्सेना ने कहा कि शनिवार को हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, उतर प्रदेश के कलाकारों के द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। महोत्सव का समापन रविवार को होगा। इस दौरान डॉ प्रेम शर्मा , स्थानीय कोर्डिनेटर, डॉ सूरत ठाकुर, डॉ कर्म सिंह, जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया, सुंदर श्याम, आदि मौजूद रहे।
बलदेव