अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी की बोड़सू बीट में सूखे पेड़ों के ठूंठ निकाले जाने के विरोध में वन बचाओ संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति ने वन विभाग को दो टूक कहा है कि जंगल से पेड़ों के ठूंठ निकालने का काम बंद किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो समिति ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएगी।
वन संपदा को किसी भी कीमत पर नष्ट होने नहीं दिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह ठाकुर ने कहा वन विभाग की ओर से बोड़सू के जंगल में ठूंठों को खुदाई कर निकाला जा रहा है। ठूंठ निकालने के लिए जंगल की खुदाई हो रही है। इससे भूमि कटाव का खतरा बढ़ रहा है। इसके बाद ठूंठ के आसपास उगे छोटे पेड़ भी नष्ट हो रहे हैं। इसको लेकर वन विभाग के अधिकारी अनजान बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक ठेकेदार की ओर से जंगल में करीब 80 से अधिक देवदार के पेड़ों के ठूंठ निकाले जा चुके हैं। शनिवार को भी पेड़ों के ठूंठ निकालने का सिलसिला जारी रहा। उधर, इस संबंध में डीएफओ डॉ. नीरज चड्ढा ने कहा कि इसके लिए एग्रीमेंट साइन किया गया है। उन्होंने कहा कि ठूंठ निकालने के लिए जिस एरिया में खुदाई होगी, उसी एरिया में पौधरोपण भी किया जाएगा।
2012 में भी ग्रामीणों के विरोध पर फैसला वापस
वर्ष 2012 में भी सरकार ने इस प्रकार का कार्य बोड़सू बीट के जंगल में किया था। उस समय ग्रामीण विरोध में उतर गए थे। ग्रामीणों के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस लेते हुए इस काम को बंद कर दिया था। आठ साल बाद एक बार फिर ग्रामीण और विभाग आमने-सामने हैं।