केलांग (लाहौल-स्पीति)। ऑपरेशन आइबेक्स के माध्यम से भारी बर्फबारी के बीच लाहौल-स्पीति में फंसे सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया गया। भारी बर्फबारी के तुरंत बाद डीजी हिमाचल पुलिस के निर्देश पर लाहौल-स्पीति पुलिस ने डीएसपी हरीश शर्मा के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राउंड रेस्क्यू के लिए मोर्चा संभाला।
जिला पुलिस ने केलांग से रोहतांग और छतडू इलाके में रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए मिशन आइबेक्स के तहत स्नो लेपर्ड टीम गठित की। केलांग लेह की तरफ सरचू तक बचाव अभियान के लिए ग्रे हांक्स नाम से जवानों की टीम को तैयार किया गया। प्रेस को इस पूरे रेस्क्यू अभियान की जानकारी डीएसपी केलांग हरीश शर्मा ने दी। कहा कि डीजीपी के निर्देश पर पुलिस ने 24 सितंबर को बर्फबारी बंद होते ही केलांग में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया। पुलिस ने सबसे पहले 26 सितंबर को वायु सेना के एमआई-8 से अपने जवान राजेश कटोच को सेटेलाइट फोन के साथ बारालाचा दर्रा में लैंड करवाया। ग्राउंड जीरो से राजेश ने बारालाचा, भरतपुर, जिंगजिंगवार, सूरजताल में फंसे सैकड़ों लोगों की वास्तविक जानकारी भेजी। इसके आधार पर सेना ने अपनी हवाई रैकी अभियान को तेज किया। राजेश कटोच अपने अन्य साथियों की मदद से बर्फ में फंसे सैलानियों को हेलीकॉप्टर से कुल्लू भेजता रहा। हरीश शर्मा ने बताया कि रोहतांग दर्रा समेत छतडू क्षेत्र में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए गठित स्नो लेपर्ड टीम ने केलांग से रोहतांग दर्रा तक पैदल रेकी कर बर्फ से कई लोगों को सुरक्षित निकाला। उन्हें बाद में रोहतांग टनल से मनाली भेजा गया। बताया कि इस पूरे अभियान में पुलिस सेटेलाइट फोन और वॉकी टॉकी फोन का अहम योगदान रहा। हरीश शर्मा ने बताया कि जीडी पुलिस, आईजी सेंट्रल जोन और अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा इस पूरे अभियान के दौरान पुलिस का लगातार मनोबल बढ़ाते रहे। डीएसपी ने बताया कि ग्राउंड रेकी के जरिए बर्फ में फंसे करीब तीन हजार लोगों को सुरक्षित निकाल कर रोहतांग टनल से मनाली पहुंचाया।
बर्फीले तूफान की चपेट में आए जवान सुरक्षित
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस के दो जवान बर्फीले तूफान की चपेट में आए। लेकिन दोनों सुरक्षित निकल आए। एक सप्ताह तक चले इस रेस्क्यू अभियान में लाहौल स्पीति पुलिस के लगभग तीन दर्जन जवान तैनात रहे।