कुल्लू। नियम ताक पर रखकर चलाए जा रहे होटल, होम स्टे आदि पर हाईकोर्ट व एनजीटी ने कड़ा संज्ञान लिया है। कसोल में हाईकोर्ट व मनाली में एनजीटी का कारोबारियों पर खूब डंडा चला है। इससे पर्यटन कारोबारी बैकफुट पर हैं। हालांकि औपचारिकताएं पूरी करने पर कारोबारियों को राहत मिल रही हैं। सीलबंदी व अन्य कार्रवाई से दशहरा सीजन प्रभावित हो सकता है।
कसोल में तीसरे चरण की सील बंदी कार्रवाई के चलते इलाके में हथियार से लेस पुलिस टीम मौजूद रही। करीब 60 पुलिस कर्मियों के कड़े पहरे में प्रशासन की अलग-अलग टीमों ने आदेशानुसार सीलबंदी की। इसकी रिपोर्ट अब हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी। सीलबंदी के दौरान पुलिस ने संदिग्धों पर भी नजर रखी, जिससे कोई अप्रिय घटना न घटे। हालांकि सीलबंदी प्रक्रिया शांतिपूर्वक तरीके पूरी हुई। सीलबंदी समेत मनाली में हो रही कार्रवाई से दशहरा सीजन प्रभावित हो सकता है। दशहरा सीजन के लिए देश विदेश से सैलानी कुल्लू जिला पहुंचते हैं। कसोल, मनाली, मणिकर्ण, कुल्लू में पर्यटकों की संख्या बढ़ती है। लेकिन सीलबंदी व एनजीटी के आदेश पर हो रही कार्रवाई की सूचना से पर्यटक यहां आने से कतरा रहे हैं। मणिकर्ण घाटी में तीसरे चरण में हुई सीलबंदी ने पर्यटन कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। हालांकि पर्यटन कारोबारियों ने औपचारिकताएं पूरी करने की कोशिश भी की। लेकिन महज दर्जन भर कारोबारी ही इसे पूरा कर पाए। होटल, होम स्टे व अन्य पर हाईकोर्ट के आदेश पर सीलबंदी हुई। इधर, मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के प्रधान किशन ठाकुर ने बताया कि सीलबंदी से पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। भारत समेत विश्व भर में यह संदेश गया कि कसोल में होटल बंद पड़े हुए हैं। रूम उपलब्ध नहीं है। ऐसे में देश व विदेश से पर्यटक आने से कतरा रहे हैं। कारोबारियों की लटकी फाइलों को जल्द विभाग से औपचारिकताएं पूरी कर निकाला जाए। कहा कि सीलबंदी के दौर में भी कसोल में पर्याप्त संख्या में होटल उपलब्ध हैं। पर्यटक यहां आने से न घबराएं। स्थिति बिलकुल सामान्य है।