कुल्लू। पिरड़ी डंपिंग साइट विवाद से नगर परिषद कुल्लू बैकफुट पर आ गई है। शहर में लग रहे कूड़े के ढेरों से नगर परिषद की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। एनजीटी ने वर्ष 2017 में पिरड़ी डंपिंग साइट को बदलने के आदेश दिए हैं। इसमें एनजीटी ने डंपिंग साइट नदी से करीब 100 मीटर और आबादी से 500 मीटर होने की बात कही है। पिरडी कूड़ा संयंत्र विवाद नगर परिषद के लिए गले की फांस बन गया है। मंगलवार को होने वाली बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। नगर परिषद जवाब में एनजीटी से मार्च माह तक समय मांगेगी।
बल्ह पंचायत और वन अधिकार समिति इसी आदेश को आधार बनाकर विरोध कर रही है। स्थिति गंभीर होती देखकर नगर परिषद कुल्लू ने 18 सितंबर को आपातकालीन बैठक बुलाई है। इसमें आगामी रणनीति तैयार की जा रही है। नगर परिषद का तर्क है कि 2017 को एनजीटी ने दिए अपने आदेश के बाद प्रशासन के भुंतर के गड़सा के साथ लगघाटी में दो जगहों को चिन्हित किया था। लेकिन स्थानीय पंचायतों ने इसका पुरजोर विरोध किया। इस कारण प्रशासन व नगर परिषद को पीछे हटना पड़ा। नगर परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने कहा कि नगर परिषद अब कानूनी राय मशवरा लेगी। मंगलवार को बुलाई की आपात बैठक में हाउस का जो भी निर्णय होगा उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
नप ने मांगा छह माह का समय, नहीं माना
कुल्लू। नगर परिषद कुल्लू ने मौहल स्थित पिरड़ी डंपिंग साइट का विरोध कर रहे लोगों के सामने छह माह का समय मांगा था। लेकिन विरोध कर रहे लोगों ने उसे ठुकरा दिया है। नगर परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने कहा कि मनाली में कूड़े से बिजली पैदा करने का प्लांट लगाया जा रहा है, जो मार्च तक तैयार हो जाएगा। प्लांट में कूड़े-कचरे की क्षमता अधिक होने से कुल्लू शहर का कूड़ा भी मनाली भेजा जाएगा।