मनाली/पतलीकूहल (कुल्लू)। ऊझी घाटी की ढूढूजोत की पहाड़ियों में बादल फटने से ब्राण नाले में 23 साल बाद फिर से बाढ़ आई। रात ढाई बजे डरे सहमे ग्रामीणों ने अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों के लिए निकले। लेकिन अब मौसम खुलने के बाद भी बरान, डोभा व ब्राह्मण बेहड़ के ग्रामीण अपने घरों को जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने दहशत के बीच मंगलवार रात गुजारी।
दो सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार ऊझी घाटी में बादल फटा है। इससे पहले दो जुलाई को पलचान पंचायत के अंजनी महादेव के पास बादल फट गया था। बादल फटने के बाद आई बाढ़ से उपरोक्त तीनों गांव का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। गांवों के लिए जोड़ी गई पेयजल स्कीम भी क्षतिग्रस्त हो गई और लोगों को पीने के पानी के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। बरान नाले को आरपार करने के लिए लगाई चार पुलियां भी धराशायी हो गई हैं। वहीं ग्रामीणों ने नाशपाती का तुड़ान कर रखा है, लेकिन सड़क टूटने से बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बीडीसी सदस्य सीमा भारद्वाज, वीर चंद, राकेश शर्मा, कौशल भारद्वाज, रोशन लाल, चमन लाल ने कहा कि बाढ़ के साथ गांव में मूसलाधार बारिश से अफरा तफरी का माहौल बन गया। बरान पंचायत के पूर्व प्रधान युवराज भारद्वाज ने कहा कि गांव को जोड़ने वाली सड़क के बह जाने से इन गांव के बागवान अपने सेब और नाशपाती को मंडियों तक पहुंचाने को लेकर चिंतित हैं। इसके साथ कई लोगों के सेब बगीचों व खेत खलिहानों में बाढ़ का मलबा आने से नुकसान पहुंचा है।
एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है।